रक्षाबंधन : रामायण व महाभारत काल में भी है पर्व का उल्लेख, नहीं है इस वर्ष भद्रा क्योंकि...

...सूर्योदय से पहले भद्रा भी समाप्त हो जाएगी

- जाने शुभ मुहूर्त, करें विशेष उपाय...
- राखी भगवान को अर्पण कर फिर भाई को बांधें
- चांदी का सिक्का गणपति को अर्पित करें
- पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें


धर्म नगरी / DN News 
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- राजेश पाठक (अवैतनिक संपादक) 

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इस दिन शुभ मुहूर्त में ही भाइयों को राखी बांधना चाहिए। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए भगवान से उनके दीर्घायु की कामना करती हैं। भाई भी बहन की रक्षा का वचन देते हैं और उन्हें उनके पसंद के वस्तु आदि देते हैं। पर्व की सफलता के लिए सबसे अहम जो होता है, वह होता है शुभ मुहूर्त। ऐसे में अगर राखी शुभ समय पर बांधी जाए, तो वह शुभ परिणाम देती है। वहीं, अशुभ समय में कोई भी शुभ काम करने की मनाही होती है। 

श्रावण पूर्णिमा के दिन यज्ञोपवीत पहनने या यज्ञोपवीत बदलने के अनुष्ठान को उपाकर्म के रूप में जाना जाता है, इस दिन ब्राह्मण समाज के लोग नई जनेऊ धारण करते हैं। 

राखी बांधने का शुभ समय
रक्षाबंधन (28 अगस्त) पर ज्योतिषीय दृष्टिकोण से विशेष संयोग रहेगा। इस दिन शतभिषा नक्षत्र और अतिगंड योग का संयोग बनेगा। इसके साथ चंद्रमा शनि की राशि कुंभ में विचरण करेंगे। सूर्य सिंह राशि में रहेंगे, जिसे उनकी स्वराशि माना जाता है। वहीं, गुरु कर्क राशि में स्थित होंगे, जो उनकी उच्च राशि है। ज्योतिषीय मान्यताओं में सूर्य को आत्मबल, प्रतिष्ठा और ऊर्जा का कारक तथा गुरु को ज्ञान, शिक्षा, बुद्धि और समृद्धि से जुड़ा ग्रह माना जाता है। चंद्रमा कुंभ राशि में रहेंगे। ग्रहों की इस स्थिति को रक्षाबंधन के लिए शुभ माना जा रहा है। 

पूर्णिमा 27 अगस्त की प्रातः आरंभ होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। अतः उदया तिथि के आधार पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा।
सूर्योदय से पहले भद्रा भी समाप्त हो जाएगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन संयोगों के बीच रक्षासूत्र बांधना विशेष फलदायी माना जा रहा है। 

इस रक्षाबंधन को राखी बांधने का श्रेष्ठ समय सुबह 4.49 बजे से दोपहर 3.44 बजे तक रहेगा। राखी बांधने की अवधि लगभग सात घंटे की है, जो शुभ मानी जा रही है। 

ऐसे करें पूजा
घर के पूजन कक्ष या पूजा के मंदिर के सामने आसान लगाकर बैठे। फिर एक तांबे के कलश या लोटे में में जल, दूध, शहद, शक्कर सिक्के डालकर उस पर अशोक के पत्ते और उस पर नारियल रखते हुए कलश स्थापित करें।

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कलश को पंच देव (पांच देव) मानकर उसका विधिवत भाई-बहन एक साथ पूजन करें। गाय के घी का दीप करें, गुग्गल से धूप करें और लाल चंदन चढ़ाएं। लाल गुडल के फूल चढ़ाएं। अनार व केले चढ़ाएं। गुड़ चढ़ाएं तथा मिष्ठान का भोग लगाएं। यथासंभव लाल चंदन की माला से इन मंत्रों का (एक-एक माला या 11, 21 बार) जाप करें। पूजन के बाद बहन भाई को रोली अक्षत से तिलक करें तथा रक्षा-सूत्र बांधकर भाई की आरती उतारें तथा फलाहार व भोग सभी में बांट दें।

गणेश मंत्र- ॐ गं गणेशय नमः
विष्णु मंत्र- ॐ नमो नारायण
सूर्य मंत्र- ॐ घृणि सूर्याय नमः
माँ पार्वती मंत्र- ॐ पार्वत्यै दैव्यायै नमः
शिव मंत्र- ॐ नमः शिवाय

रक्षा मंत्र (रक्षा सूत्र या राखी बढ़ते समय)- 
येन  बद्धो  बलि  राजा   दानवेन्द्रो-महाबलः।
तेन त्वाम रक्ष-बध्नामि रक्षे मा-चल मा-चल:॥

भाई को तिलक करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान रखना चाहिए। छोटे और बड़े भाई को तिलक उनकी राशि के अनुसार भी लगा सकते हैं-
मेष- सिन्दूर का तिलक
वृषभ- चमकीला तिलक
मिथुन- चमेली की सुगंध का तिलक

कर्क- चंद्राकार लाल तिलक
सिंह- गुलाब जल युक्त लाल तिलक
कन्या- चावल हल्दी का मिश्रित टीका

तुला- चांदी के अर्क का लाल टीका
वृश्चिक- शहद युक्त लाल तिलक
धनु- हल्दी चावल का तिलक

मकर- रोली का तिलक
कुम्भ- घी चावल का टीका
मीन- चंदन कुमकुम का टीका


भाई को ऐसे लगाएं तिलक
ज्योतिर्विदों के अनुसार, अगर भाई बड़ा और बहन छोटी होती है, तो कनिष्ठा उंगली अर्थात सबसे छोटी उंगली से भाई का तिलक करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है, कि छोटी उंगली से तिलक करने पर भाई के जीवन में खुशियों का आगमन होता है।

वहीं, अगर बहन बड़ी है और भाई छोटा है, तो बहन को अंगूठे से तिलक करना चाहिए। कहा जाता है, अंगूठे से तिलक करने पर छोटे भाई को हर कार्य में अपार सफलता मिलती है। भाई का तिलक तिरछा और आड़ा-टेढ़ा नहीं होना चाहिए। तिलक सदैव एक सीध में लगाएं और तिलक के साथ भाई को अक्षत (बिना टूटे चावल) अवश्य लगाएं। बिना अक्षत के तिलक अधूरा माना जाता है। रक्षासूत्र या राखी बांधते समय कुछ अशुभ मुहूर्त का विशेष रूप ध्यान रखना होता है। जैसे- भद्रा, राहुकाल, दुमुहूर्त आदि।
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रक्षा बंधन के चमत्कारी उपाय-
अच्छे स्वास्थ्य हेतु- नारियल सिर से वारकर जलप्रवाह करें,

सौभाग्य में वृद्धि हेतु- शिवालय से कलाई पर कलावा बंधवाएं,

विवाद टालने हेतु- नारियल पर यज्ञोपवीत बांधकर कृष्ण मंदिर में चढ़ाएं,

हानि से बचने
के लिए- विष्णु मंदिर में अशोक के पत्तों की माला चढ़ाएं,

प्रोफेशनल सफलता पाने हेतु- भगवान विष्णु पर चढ़ा लाल सूत कलाई पर बांधें,

शिक्षा में सफलता पाने के लिए- टेक्स्ट बुक पर रोली से तिलक करें,

व्यापार में सफलता
के लिए- गणेश मंदिर में लाल गुड़हल का फूल चढ़ाएं,

पारिवार में आनंद के लिए- घर में गुग्गल से धूप करें,

प्यार मे सफलता के लिए: शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं,

विवाहित जीवन में सफलता के लिए- दंपत्ति एक दूसरे को गुड़ खिलाएं।


रक्षा बंधन पर टोटके
मधुर पारिवारिक संबंधों हेतु- शिवलिंग पर चढ़ा कलावा घर के मेन गेट पर बांधें,
धन आगमन के लिए- गणपती पर चढ़ा तांबे का सिक्का गल्ले या तिजोरी में रखें,
मनोविकार दूर करने हेतु- सफेद कपड़े में बंधा नारियल सिर से वारकर शिवालय में चढ़ाएं,
स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए- लाल कपड़े में नारियल बांधकर विष्णु मंदिर में चढ़ाएं।

रक्षाबंधन पर करें विशेष उपाय
यदि आप बहनों का कोई भाई ज्यादा बीमार रहता हो या किसी अन्य समस्याओं में हो, तो निम्न उपाय करें-
रक्षा बंधन के दिन राखी बांधने से ठीक पहले अपनी दायीं मुट्ठी में पीली सरसों (1चम्मच) व 7 लौंग लें,
उस सामग्री को भाई के ऊपर से एन्टी क्लॉक वाइज 27 बार (लगातार उल्टा) उसार दें। फिर उसी समय उस सामग्री को गर्म तवे पर डालकर ऊपर से कटोरी उल्टी रखें। जब सारी सामग्री काले रंग की हो जाये, तब नीचे उतार लें और चौराहे पर किसी से फिकवां दें। स्वयं न फेंके।

ध्यान रहे, सरसो व लौंग आपको अपने घर से लेकर जाना है, यदि आप विवाहित हैं तो। अन्यथा स्वयं ही बाजार से नए खरीदे। घर के काम में नही लेवे। उपाय के बाद तवे को भी अच्छे से धो लें। सरसो उसरने के बाद ज्यादा देर घर मे न रखें, तुरंत बाहर ले जाएं। इस उपाय को राखी के दिन ही करना है। पुनरावृत्ति न करें।

रक्षाबंधन के दिन विशेष उपाय करने से जीवन में सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है। पूजा, मंत्र जाप और विशेष वस्तुओं का प्रयोग करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और तरक्की के मार्ग खुलते हैं। भगवान गणेश, शिव और लक्ष्मी की कृपा से जीवन मंगलमय होता है।

रक्षाबंधन के त्योहार पर बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। इसका विषेष महत्व है। इस दौरान सुबह के समय कुछ उपाय किए जाएं, तो भाई और बहन के जीवन की समस्याएं खत्म हो सकती हैं। इससे धन का लाभ मिलेगा। जीवन में सौभाग्य आएगा।

आर्थिक तंगी दूर करने के उपाय
रक्षाबंधन के दिन बहन को भाई के राखी बांधन से पहले स्नान कर पूजा करनी चाहिए। इस दौरान यह ध्यान रखें कि आरती की थाली में राखी रखें। एक चांदी का सिक्का या सामान्य सिक्का रख लें। उसके बाद गणेश जी को राखी बांध लें। सिक्का भगवान गणेश के पास ही रहने दें।

दूसरे दिन प्रभु को नमन कर सिक्का उठा लें। सिक्के को लाल कपड़े में बांध कर तिजोरी में रख लें। यह बहुत ही आसान उपाय है, लेकिन यह भाई-बहन के जीवन में धन की कमी कभी नहीं होने देगा। जीवन में तरक्की के रास्ते खुल जाएंगे।

जीवन में उन्नति करने के उपाय
रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान कर भगवान शिव का दूध, दही, धी, शहद और शक्कर को मिलाकर अभिषेक करें। उनकी पूजा कर भगवान को राखी अर्पित कर दें। उसके बाद ही भाई की कलाई में राखी बांधे यह उपाय आपकी जीवन में उन्नति लेकर आएगा। आपके बिगड़े काम बनना आरंभ होने लगेंगे।

सुख-शांति व समृद्धि के लिए उपाय
रक्षाबंधन के दिन सुबह-सुबह माता लक्ष्मी व गणेश जी की पूजा करें। इस दौरान 108 बार 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप करें। यह सभी समस्याओं से मुक्त कर देगा। जीवन में सुख समृद्धि का आगमन आएगा।

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