आज कुशाग्रहणी अमावस्या पर करें ये उपाय, पाएं पितरों का आशीर्वाद, जीवन में चल रही...
...समस्याओं आर्थिक और करियर क्षेत्र में करें उन्नति !
धर्म नगरी / DN News
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भाद्रपद (भादौ) की अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहते हैं। में 11 सितंबर 2026 को पड़ने वाली इस अमावस्या की तिथि को वर्ष भर के शुभ कार्यों के लिए कुशा ग्रहण की जाती है। इस कारण इसे कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन आप कुछ विशेष उपाय करके अपने जीवन में चल रही समस्याओं के प्रभाव को कम कर सकते हैं, उनसे मुक्ति का मार्ग पा सकते हैं। ये उपाय आपको जीवन में शुभ परिणाम भी दिला सकते हैं, क्योंकि इन उपायों को करने से पुरखों या पितरों की कृपा भी आप प्राप्त करते हैं।
अमावस्या पर करने योग्य उपाय
पीपल की पूजा
अमावस्या के शाम को पीपल के पेड़ के पास घी और सरसों के तेल का दीपक जलाएं तथा सात परिक्रमा करें। इससे पितर प्रसन्न होते हैं और कष्ट दूर होते हैं।
चींटियों को भोजन
चींटियों को भोजन
इस दिन काले चींटियों को चीनी मिला हुआ आटा खिलाने से पाप-कर्मों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
गौ सेवा
गौ सेवा
अमावस्या के दिन गाय को हरा चारा या बिना नमक के घी-गुड़-केले मिला हुआ चावल खिलाने से जीवन की दरिद्रता और गृह दोष शांत होते हैं।
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दान-पुण्य
इस दिन अभावग्रस्त व निर्धन लोगों को अनाज, वस्त्र या काले तिल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या पर किया गया दान-पुण्य विशेष फलदायी माना जाता है।
तिल का दीपक
तिल का दीपक
शुक्रवार की आधी रात को अमावस्या के दौरान घर के मुख्य दरवाजे के सामने तिल के तेल का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। दुश्मनों से मुक्ति या आर्थिक समस्याओं के लिए ये उपाय जरूर करना चाहिए।
नकारात्मकता निवारण
व्यापार या धन की बाधा दूर करने के लिए शाम के समय एक नींबू को चार टुकड़ों में काटकर चौराहे पर चारों दिशाओं में फेंक दें।
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अमावस्या (कुशाग्रहणी) पर ये उपाय भी आप कर सकते हैं...
पितरों की कृपा पाने अथवा पितृ-दोष मुक्ति
पितरों का आशीर्वाद पाने और पितृ-दोष से मुक्ति पाने के लिए कुशाग्रहणी अमावस्या पर गोबर का कंडा जलाकर उस पर पितरों के निमित्त खीर-पूड़ी के प्रसाद का भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद कंडे के पास, अपने से दाहिनी तरफ दोनों हाथों से थोड़ा सा जल छोड़ दें। इसके बाद बचे हुए प्रसाद में से थोड़ा-सा हिस्सा गाय को खिलाएं और बाकी प्रसाद घर के सभी सदस्यों में बांट दें। ऐसा करने से पितरों के आशीर्वाद से आपके सारे काम बनेंगे।
पारिवारिक कलह और रिश्तों में मधुरता हेतु
घर में संबंधों में सदैव खींचतान बनी रहती है और सदस्य एक-दूसरे से कटे-कटे रहते हैं, तो अमावस्या पर थोड़े से दूध में एक चुटकी शक्कर मिलाएं। इसे किसी कुएं में या घर के बाहर कच्ची मिट्टी पर अर्पित कर दें। यह उपाय करने से पारिवारिक मतभेद समाप्त करने एवं घर में सुख-शांति बनाये रखने में सहायक होगा।
घर में पुनः सुख-समृद्धि आनंद वापस लाने हेतु
यदि परिवार में आनंद अचानक समाप्त हो गया हो, तो अमावस्या पर अपने बाएं हाथ में चावल के दाने (अक्षत) लें। सूर्यदेव की ओर देखते हुए अपने दाएं हाथ से बाएं हाथ पर नीचे की तरफ जल गिराएं। जल गिराते समय मन ही मन गायत्री मंत्र का उच्चारण करें। ऐसा करने से आपके परिवार में पुनः सुख-समृद्धि व आनंद का आगमन होने लगेगा।
पीठ पीछे बुराई करने वालों से बचाने हेतु
यदि आप अपनी पीठ पीछे बुराई करने वाले लोगों या शत्रुओं से बचना चाहते हैं, तो कुशाग्रहणी अमावस्या पर अमावस्या के दिन सरसों के तेल से चुपड़ी हुई दो रोटियां लें। इन्हें अपने सिर के ऊपर से सात (7) बार वारें (उतारें) और फिर काले कुत्ते को खाने के लिए डाल दें। यह उपाय करने से बुराई करने वाले लोग अपने आप आपसे दूर हो जाएंगे।
पितरों का आशीर्वाद पाने और पितृ-दोष से मुक्ति पाने के लिए कुशाग्रहणी अमावस्या पर गोबर का कंडा जलाकर उस पर पितरों के निमित्त खीर-पूड़ी के प्रसाद का भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद कंडे के पास, अपने से दाहिनी तरफ दोनों हाथों से थोड़ा सा जल छोड़ दें। इसके बाद बचे हुए प्रसाद में से थोड़ा-सा हिस्सा गाय को खिलाएं और बाकी प्रसाद घर के सभी सदस्यों में बांट दें। ऐसा करने से पितरों के आशीर्वाद से आपके सारे काम बनेंगे।
कारोबार की बाधा को दूर करने हेतु
अगर आपके बिजनेस में कुछ दिनों से एक के बाद एक परेशानियां आ रही हैं और आप तनाव में फंसते जा रहे हैं, तो आज किसी योग्य ब्राह्मण को घर पर आदर सहित बुलाकर भोजन कराएं। भोजन कराने के बाद उन्हें दक्षिणा स्वरूप 'कुश का आसन' भेंट करें। ऐसा करने से व्यापार में आ रही रुकावटों और परेशानियों से जल्द मुक्ति मिलेगी।
धन संबंधी समस्याओं के लिए उपाय
यदि आप आर्थिक तंगी या धन संबंधी किसी समस्या से पीड़ित चल रहे हैं, तो उससे छुटकारा पाने के लिए गुंथे हुए आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर किसी तालाब में मछलियों को खाने के लिए डालें। इसके साथ ही अपने पितरों के निमित्त किसी धर्मस्थल या मंदिर में कुछ-न-कुछ दान अवश्य करें। ऐसा करने से आपकी आर्थिक परेशानियां दूर होंगी। इस उपाय को करने से पितृ भी प्रसन्न होंगे।
मान-सम्मान और प्रतिष्ठा हेतु
अगर आप समाज में अपना मान-सम्मान बढ़ाना चाहते हैं और मानसिक रूप से मजबूत बनना चाहते हैं, तो अमावस्या पर किसी अभावग्रस्त या निर्धन व्यक्ति को दूध का पैकेट दान करें। साथ ही अपने पितरों का ध्यान करके उन्हें प्रणाम करें और आशीर्वाद लें। ऐसा करने से समाज में आपका पद-प्रभाव और सम्मान में वृद्धि होगी।
अगर आपके बिजनेस में कुछ दिनों से एक के बाद एक परेशानियां आ रही हैं और आप तनाव में फंसते जा रहे हैं, तो आज किसी योग्य ब्राह्मण को घर पर आदर सहित बुलाकर भोजन कराएं। भोजन कराने के बाद उन्हें दक्षिणा स्वरूप 'कुश का आसन' भेंट करें। ऐसा करने से व्यापार में आ रही रुकावटों और परेशानियों से जल्द मुक्ति मिलेगी।
धन संबंधी समस्याओं के लिए उपाय
यदि आप आर्थिक तंगी या धन संबंधी किसी समस्या से पीड़ित चल रहे हैं, तो उससे छुटकारा पाने के लिए गुंथे हुए आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर किसी तालाब में मछलियों को खाने के लिए डालें। इसके साथ ही अपने पितरों के निमित्त किसी धर्मस्थल या मंदिर में कुछ-न-कुछ दान अवश्य करें। ऐसा करने से आपकी आर्थिक परेशानियां दूर होंगी। इस उपाय को करने से पितृ भी प्रसन्न होंगे।
मान-सम्मान और प्रतिष्ठा हेतु
अगर आप समाज में अपना मान-सम्मान बढ़ाना चाहते हैं और मानसिक रूप से मजबूत बनना चाहते हैं, तो अमावस्या पर किसी अभावग्रस्त या निर्धन व्यक्ति को दूध का पैकेट दान करें। साथ ही अपने पितरों का ध्यान करके उन्हें प्रणाम करें और आशीर्वाद लें। ऐसा करने से समाज में आपका पद-प्रभाव और सम्मान में वृद्धि होगी।
पारिवारिक कलह और रिश्तों में मधुरता हेतु
घर में संबंधों में सदैव खींचतान बनी रहती है और सदस्य एक-दूसरे से कटे-कटे रहते हैं, तो अमावस्या पर थोड़े से दूध में एक चुटकी शक्कर मिलाएं। इसे किसी कुएं में या घर के बाहर कच्ची मिट्टी पर अर्पित कर दें। यह उपाय करने से पारिवारिक मतभेद समाप्त करने एवं घर में सुख-शांति बनाये रखने में सहायक होगा।
घर में पुनः सुख-समृद्धि आनंद वापस लाने हेतु
यदि परिवार में आनंद अचानक समाप्त हो गया हो, तो अमावस्या पर अपने बाएं हाथ में चावल के दाने (अक्षत) लें। सूर्यदेव की ओर देखते हुए अपने दाएं हाथ से बाएं हाथ पर नीचे की तरफ जल गिराएं। जल गिराते समय मन ही मन गायत्री मंत्र का उच्चारण करें। ऐसा करने से आपके परिवार में पुनः सुख-समृद्धि व आनंद का आगमन होने लगेगा।
पीठ पीछे बुराई करने वालों से बचाने हेतु
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समस्या आपकी - समाधान साधक / ज्योतिषाचार्य के
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