काशी विश्वनाथ मंदिर का पूरा गर्भगृह सोने का, गर्भगृह में लगा 37 किलो सोना, शिखर से नीचे...
... शेष हिस्से पर स्वर्ण का कार्य महाशिवरात्रि के पश्चात
- एक श्रद्धालु ने किया गुप्त दान
वाराणसी में ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह के अंदर की पूरी दीवार पर सोने की परत (स्वर्णमंडित) चढ़ा दी गई। दीवारों को स्वर्णमंडित करने के लिए 10 सदस्यीय कारीगरों की टीम ने काम किया। 187 वर्षों के बाद मंदिर के गर्भगृह के अंदर की दीवारों पर सोने की परतें चढ़ाई गई हैं। स्वर्ण परतों के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह के अंदर की पीली रोशनी हर किसी को सम्मोहित कर रही है। देखें-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की सराहना-
जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (27 फरवरी 2022) वाराणसी आए, तो बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन किया। दरबार में दर्शन-पूजन के बाद प्रधानमंत्री भी मंदिर के गर्भगृह के अंदर स्वर्णिम आभा देख आह्लादित दिखे। उन्होंने कहा, दरबार में अद्भुत और अकल्पनीय कार्य हुआ है। स्वर्ण मंडन से विश्व के नाथ का दरबार एक अलग ही छवि प्रदर्शित कर रहा है। उन्होंने परिसर के अंदर चारों ओर लगे स्वर्ण के कार्य को देखा।
मंदिर के दीवारों पर उकेरी गई विभिन्न देवताओं की आकृतियां स्वर्ण मंडन के बाद और भी स्पष्ट प्रदर्शित हो रही हैं। स्वर्ण मंडन के बाद गर्भ गृह की आभा कई गुना बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य और नव्य विस्तारित स्वरूप और उस पर से बाबा दरबार के गर्भगृह में स्वर्णमंडन देख हर शिवभक्त आह्लादित है।
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| गर्भगृह के अंदर का एक दृश्य |
.धर्म नगरी / DN News
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काशीपुराधिपति का स्वर्ण शिखर ही नहीं, गर्भगृह भी सोने की चमक से निखर गया है। गर्भगृह अब स्वर्ण मंडित हो गया है। दक्षिण भारत के एक दानदाता ने गर्भगृह की दीवार पर सोने के पत्तर चढ़वाए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास में इससे स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। 187 वर्ष के बाद मंदिर में सोना मढ़ा गया। मंदिर के गर्भगृह के अंदर की दीवारों पर 30 घंटे के अंदर सोने की परत लगाई गई। सोना लगने के बाद गर्भगृह के अंदर की पीली रोशनी हर किसी को आहलादित कर रही है।
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गर्भगृह के अंदर 37 किलो सोना लगाने का काम पूरा होने के पश्चात अब स्वर्ण शिखर से नीचे बचे हिस्सों और चौखट आदि बदलवाने के लिए 24 किलो सोना लगाने की योजना है। बताया जा रहा है कि महाशिवरात्रि के बाद यह काम शुरू किया जाएगा।
दक्षिण भारत के एक श्रद्धालु ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर गर्भगृह में सोना मढ़वाया है। गुप्त दान करने वाला ये व्यक्ति पीएम मोदी से बहुत प्रभावित बताए जा रहे हैं। श्रद्धालु ने पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन के वजन के बराबर सोना दान किया है। महाशिवरात्रि से पहले विश्वनाथ मंदिर का गर्भगृह स्वर्णजड़ित हो गया है।
मंदिर आए थे श्रद्धालु-
दक्षिण भारत के एक भक्त ने तीन महीने पहले मंदिर आकर इस बात की जानकारी ली थी कि गर्भगृह में कितना सोना लगेगा। तब उसने सोना दान करने की बात कही थी। साथ ही उसने कहा कि उसका नाम गुप्त रखा जाएगा। मंदिर प्रशासन की अनुमति के बाद सोना लगाने के लिए मापने और सांचा बनाने की तैयारी शुरू हुई। महीनेभर की तैयारी के बाद (25 फरवरी) को सोना लगाने का काम शुरू हुआ।
दक्षिण भारत के एक श्रद्धालु ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर गर्भगृह में सोना मढ़वाया है। गुप्त दान करने वाला ये व्यक्ति पीएम मोदी से बहुत प्रभावित बताए जा रहे हैं। श्रद्धालु ने पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन के वजन के बराबर सोना दान किया है। महाशिवरात्रि से पहले विश्वनाथ मंदिर का गर्भगृह स्वर्णजड़ित हो गया है।
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| वाराणसी : ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ का रात्रि में ड्रोन से लिया गया विहंगम चित्र |
दक्षिण भारत के एक भक्त ने तीन महीने पहले मंदिर आकर इस बात की जानकारी ली थी कि गर्भगृह में कितना सोना लगेगा। तब उसने सोना दान करने की बात कही थी। साथ ही उसने कहा कि उसका नाम गुप्त रखा जाएगा। मंदिर प्रशासन की अनुमति के बाद सोना लगाने के लिए मापने और सांचा बनाने की तैयारी शुरू हुई। महीनेभर की तैयारी के बाद (25 फरवरी) को सोना लगाने का काम शुरू हुआ।
जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (27 फरवरी 2022) वाराणसी आए, तो बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन किया। दरबार में दर्शन-पूजन के बाद प्रधानमंत्री भी मंदिर के गर्भगृह के अंदर स्वर्णिम आभा देख आह्लादित दिखे। उन्होंने कहा, दरबार में अद्भुत और अकल्पनीय कार्य हुआ है। स्वर्ण मंडन से विश्व के नाथ का दरबार एक अलग ही छवि प्रदर्शित कर रहा है। उन्होंने परिसर के अंदर चारों ओर लगे स्वर्ण के कार्य को देखा।
मंदिर के दीवारों पर उकेरी गई विभिन्न देवताओं की आकृतियां स्वर्ण मंडन के बाद और भी स्पष्ट प्रदर्शित हो रही हैं। स्वर्ण मंडन के बाद गर्भ गृह की आभा कई गुना बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य और नव्य विस्तारित स्वरूप और उस पर से बाबा दरबार के गर्भगृह में स्वर्णमंडन देख हर शिवभक्त आह्लादित है।
1835 में महाराजा रणजीत सिंह ने शिखरों को स्वर्णमंडित कराया
वर्ष 1835 में पंजाब के तत्कालीन महाराजा रणजीत सिंह ने विश्वनाथ मंदिर के दो शिखरों को स्वर्णमंडित कराया था। तब साढ़े 22 मन सोना लगा था। उसके बाद कई बार सोना लगाने व उसकी सफाई का कार्य प्रस्तावित हुआ, लेकिन हो नहीं पाया। वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहल पर काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के साथ ही मंदिर के शेष हिस्से व गर्भगृह को स्वर्णजड़ित करने की कार्ययोजना तैयार होने लगी थी। इसी दौरान बाबा के दक्षिण भारत के एक भक्त ने मंदिर के अंदर सोने लगवाने की इच्छा जताई। मंदिर प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद सोना लगाने के लिए माप और सांचा की तैयारी चल रही थी। करीब माहभर तैयारी के बाद सोना लगाने का काम शुरू हुआ था।
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