चारधाम यात्रा के लिए ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल से, यात्रा से...


...पहले रजिस्ट्रेशन है अनिवार्य
- जानें कपाट खुलने की तिथियां और आवेदन करने की प्रक्रिया
- हेली टिकट ऐसे होगा बुक, टोल फ्री नंबर देखें

धर्म नगरी 
DN News देहरादून ब्यूरो  
(कवरेज या अपने पते पर फ्री कॉपी मंगवाने हेतु वा.एप- 810 910 7075)

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध "चारधाम यात्रा-2026" के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज (6 मार्च) सुबह 7 बजे से आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया। यमुनोत्री-गंगोत्री के कपाट 19 अप्रैल, केदारनाथ के 22 और बदरीनाथ के 23 अप्रैल को खुलेंगे। वहीं, ऑफलाइन पंजीकरण 17 अप्रैल से शुरू होगा। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल से हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग और चमोली में बनाए गए विभिन्न बायोमेट्रिक काउंटर पर आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र के साथ पंजीकरण कराकर होंगे।

श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री पर्यटन विभाग की वेबसाइट या ऐप के माध्यम से अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं। तीन तरह से रजिस्ट्रेशन करने का विकल्प (option)है। तीर्थयात्री 
http://www.registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते है या अपना स्लॉट बुक सकते हैं।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन करें
स्टेप-1 अकाउंट बनाएं- वेबसाइट के होमपेज पर ‘Register/Login‘ पर क्लिक करें। अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल भरकर अकाउंट बनाएं। मोबाइल पर आए OTP से इसे वेरिफाई करें।

स्टेप-2 टूर प्लान- लॉगिन करने के बाद ‘Create/Manage Tour’ पर जाएं। यहां तय करें कि आप अकेले जा रहे हैं या समूह में। यात्रा की तारीख और उत्तराखंड प्रवेश का स्थान (जैसे हरिद्वार) चुनें।

स्टेप-3 धाम और दिनांक चुनें- उन धामों को चुनें, जहां आप जाना चाहते हैं। कैलेंडर में अपनी सुविधा अनुसार दिनांक (date) चुनें। यदि दिनांक लाल दिख रही है, तो समझें उस दिन का कोटा फुल हो गया है।

स्टेप-4 डाक्यूमेंट्स अपलोड- यात्री का नाम, आयु, फोटो और सरकारी पहचान पत्र (आधार, वोटर आईडी आदि) की जानकारी भरें और स्कैन कॉपी अपलोड करें।

स्टेप-5 सबमिट- सभी जानकारी जांचने के बाद ‘Submit’ करें। पंजीकरण सफल होने पर आपको कंफर्मेशन मैसेज और ‘Yatra Registration Card’ प्राप्त होगा।
 
स्मार्टफोन यूजर्स ‘Tourist Care Uttarakhand‘ ऐप डाउनलोड कर पंजीकरण कर सकते हैं। तीर्थ यात्री QR कोड के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।

चारधाम यात्रा-2026 : एक दृष्टि में-
➯ 19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा

➯ 6 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हुई

➯ पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा

➯ 19 अप्रैल को खुलेंगे यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट

➯ 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

➯ 23 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

➯ ऑफलाइन पंजीकरण के लिए 50 काउंटर किए जाएंगे स्थापित

➯ हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग व चमोली में बनाए जाएंगे काउंटर

➯ 17 अप्रैल से शुरू होंगे ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन

➯ चारधाम यात्रा के लिए 1,800 बसों का होगा संचालन

➯ किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर है- 0135-1364   

यात्रा से पहले रजिस्ट्रेशन है अनिवार्य
चारधाम यात्रा से पूर्व पंजीकरण (Registration) करना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के दर्शन में समस्या होगी। रजिस्ट्रेशन में सही मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके साथ ही तीर्थ यात्रियों को सुझाव दिया है, कि वो अपने साथ पर्याप्त ऊनी कपड़े, छतरी और रेनकोट आदि अवश्य लाएं।

रजिस्ट्रेशन कराते समय ये जानकारी देना जरूरी है: चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराते समय स्वास्थ्य संबंधी सटीक जानकारी देना अनिवार्य है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य की जांच कराने की सलाह दी गई है। यदि तीर्थयात्री दवा लेते हैं तो उसका पर्याप्त स्टॉक साथ रखें।

यात्रा में एक सांस में चढ़ाई न चढ़ें 
तीर्थयात्रियों को सुझाव दिया गया है, कि यात्रा मार्ग पर विभिन्न पड़ावों पर विश्राम करते हुए आगे बढ़ें। एक ही सांस में चढ़ाई चढ़ने की गलती नहीं करें, क्योंकि पहाड़ पर ऊंचाई पर चढ़ते समय ऑक्सीजन की मात्रा कम होती जाती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई आती है। ऐसे में हृदय रोगियों और सांस संबंधी रोगों वाले लोगों को समस्या हो सकती है। इसके साथ, यदि आप स्वयं को स्वस्थ नहीं समझ रहे हैं, तो यात्रा न करें।

हेली टिकट यहां से बुक कराएं
उत्तराखंड पर्यटन परिषद ने ये भी कहा है कि हेलीकॉप्टर सेवा से चारधाम यात्रा करने के इच्छुक तीर्थयात्री समय पर टिकट बुक कर लें। टिकट बुक करने के लिए heliyatra.irctc.co.in साइट का ही प्रयोग करें, क्योंकि चारधाम यात्रा के लिए IRCTC को ही अधिकृत किया गया है। तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है, कि हेलीकॉप्टर टिकट देने का दावा करने वाले अनाधिकृत लोगों से बचें। इसके साथ ही धामों में दर्शन कराने का दावा करने वाले अनाधिकृत व्यक्तियों से भी बचने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड पर्यटन परिषद ने यात्रा मार्गों पर गंदगी नहीं फैलाने,मार्गों को स्वच्छ रखने में सहायता करने, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने, वाहनों की गति नियंत्रित रखने की सलाह दिया है। चारधाम यात्रा रूट पर उचित पार्किंग में ही वाहन पार्क करने होंगे, जिससे जाम नहीं लगे।

यात्रा के लिए टोल फ्री नंबर
यात्रियों की सहायता के लिए उत्तराखंड सरकार ने 24 x 7 (सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे) के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। तीर्थ यात्री 0135-3520100 टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। दो अन्य नंबर भी चारधाम यात्रा की जानकारी लेने के लिए जारी किए गए हैं- 0135-2559898 और 0135-2552627 नंबरों पर तीर्थयात्री भी फोन कर सकते हैं। उत्तराखंड पर्यटन परिषद ने अपना ईमेल आईडी है- touristcare.uttarakhand@gmail.com

-----------------------------------------------
अव्यवसायिक प्रकाशन "धर्म नगरी" के विस्तार एवं चुनिंदा ट्रेन, एयरपोर्ट, तीर्थ नगरी में स्थानीय प्रतिनिधि के माध्यम से नियमित रूप से अंक बटवाने आदि हेतु संरक्षक चाहिए, जो विधिवत निवेश कर सकें। निवेश "धर्म नगरी" के बैंक खाते के माध्यम से निश्चित समय हेतु लिखित रूप से होगी। संपर्क करें- 6261868110 अथवा आपके संज्ञान में कोई हो, तो उन्हें बताएं, ताकि निवेश के पूर्व विस्तृत जानकारी दी जा सके। उल्लेखनीय है, प्रयागराज कुंभ-2013 से सभी कुंभ, अर्द्धकुंभ, वार्षिक माघ मेला में लगातार धर्म नगरी के विशेषांकों का प्रकाशन एवं फ्री या किसी के "सौजन्य से..." भी हो रहा है।   
-----------------------------------------------

यात्रियों की संख्या सीमित करने के निर्णय का विरोध
उत्तराखंड की "चारधाम यात्रा-2026" हेतु पंजीकरण शुरू होने के साथ सरकार द्वारा दर्शनार्थियों की संख्या सीमित करने के निर्णय का विरोध भी शुरू हो गया है। ‘चारधाम होटल एसोसिएशन’ ने इसे स्थानीय व्यापार के लिए नुकसानदेह बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने चेतावनी कहा है, यदि राज्य शासन ने इस पर पुनर्विचार नहीं किया, तो मार्च के दूसरे पखवाड़े से आंदोलन किया जाएगा। वहीं, सरकार का तर्क है, कि हिमालयी क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए भीड़ को नियंत्रित करना अनिवार्य है।

-----------------------------------------------
 वृन्दावन अयोध्या उज्जैन नासिक वाराणसी सहित प्रमुख तीर्थ नगरियों में स्थानीय पार्टनर / ब्यूरो चीफ की। अपने जिले से- शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र "धर्म नगरी / DN News, वेबसाइट एवं चैनल हेतु " के स्थानीय प्रतिनिधि बनने हेतु संपर्क करें- 810 910 7075-(वा. एप)

प्रयागराज माघ मेले में "धर्म नगरी विशेषांक" के साथ मेटल क्लीनर भी फ्री दिया गया। इसे जिले स्तर पर सहयोगी प्रतिनिधियों (जहां है) के माध्यम से फ्री वितरण हेतु भिजवाना है।  


"धर्म नगरी" कुंभ-2013 से लगातार चारों कुंभ, दोनों अर्द्धकुंभ एवं वार्षिक प्रयागराज माघ मेले के अवसर पर तीन/चार विशेषांक प्रकशित कर उसका फ्री या किसी के "सौजन्य से..." वितरण करती है। महाकुंभ-2025 विशेषांकों के फ्री / किसी के "सौजन्य से..." बांटने एवं भेजने के बाद मार्च 2025 से "धर्म नगरी" का किसी को न सदस्य बनाया जाता है, न ही विज्ञापन का कोई निर्धारित रेट है, यह आपके सामर्थ्य पर है, क्योंकि प्रकाशन पूरी तरह अव्यावसायिक या बिना लाभ-हानि के 15 वर्ष से प्रकाशित है। 

आप भी कोई शुभकामना, पुण्यतिथि आदि, प्रियजन की किसी उपलब्धि (विशेष सम्मान, पद या नियुक्ति पाने) पर फोटो आदि छपवाकर अपने जिले या पूरे देश में "धर्म नगरी" बटवा सकते हैं।

व्यक्तिगत सहयोग या विज्ञापन आदि केवल "धर्म नगरी" के नाम से दें, क्योंकि उस सहयोग राशि से "धर्म नगरी" पेपर एवं मैगजीन फ्री या आपने नाम से ("सौजन्य से...") संतों धर्माचार्यों सहित देशभर में विभिन्न क्षेत्र के लोगों को भेजी जाती है अथवा किसी विशेष अवसर पर बाटा जाता है.
..

राष्ट्रवादी समसामयिक "धर्म नगरी" व DN News पाक्षिक एवं मैगजीन, वेबसाइट एवं "धर्म नगरी" के चैनल को और अधिक उपयोगी, पठनीय एवं सुनने योग्य बनाते हुए स्थानीय प्रतिनिधि या पार्टनर चाहिए (जहां नहीं हैं) यदि आप अपने जिले में पार्ट-टाइम कुछ करना चाहते हैं, तो अपना डिटेल वाट्सएप- 810 910 7075 या dharm.nagari@gmail.com पर ईमेल अथवा संपर्क करें- 6261868110

समस्या आपकी - समाधान हमारा 
यदि आप या आपके परिवार, मित्र आदि किसी प्रकार की समस्या (विवाह, नौकरी, स्वास्थ्य, संपत्ति विवाद आदि) से जूझ रहे हैं और आपने बहुत प्रयास किया, लेकिन कोई सही मार्गदर्शन या रास्ता अब तक नहीं मिला... तो आप अपनी समस्या या प्रश्न सहित अपना नाम सहित जन्मदिन, जन्म समय एवं जन्मस्था (तीनों सही-सही) 810 910 7075 पर वाट्सअप करें। 

आपको प्रश्न का उत्तर एवं समस्या का निदान हेतु मार्गदर्शन साधक ज्चायोतिषाचार्य से मिलेगा। संतुष्ट होने के बाद आपको स्वेच्छापूर्वक (बिना कंजूसी) online दक्षिणा या शुल्क 810 910 7075 पर अपने सामर्थ्य के अनुसार देना होगा, जैसे किसी डॉक्टर या वकील को उनकी सेवा या योग्यता हेतु देते हैं। सोशल मीडिया में #Dharm_Nagari_ 

No comments