खरमास : सूर्य का मीन राशि में प्रवेश, वातावरण में सात्विकता के बढ़ने के दिन


वृषभ, कर्क, वृश्चिक व धनु के लिए खरमास होगा अनुकूल  
खरमास में दान का है विशेष महत्व, अनाज व पीले वस्त्रों का दान सर्वाधिक फलदायी 

धर्म नगरी / 
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आचार्य नित्यानंद गिरी*

जब सूर्य देव, बृहस्पति की राशियों- धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो खरमास लगता है। इस प्रकार सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही 15 मार्च से खरमास प्रारंभ हो जाएगा, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। सूर्य का मीन राशि में आना हमारे जीवन की तेज रफ्तार में थोड़े ठहराव और गहराई जैसा है।

'स्कंद पुराण'
और 'पद्म पुराण' के अनुसार, खरमास के दौरान सूर्य की चाल धीमी मानी जाती है, जिससे वातावरण में सात्विकता बढ़ जाती है। 
पौराणिक कथा के अनुसार सूर्य देव की गति खरमास के दौरान धीमी पड़ने लगती है। खरमास को सौर मास भी कहा जाता है। इस एक माह में शुभ कार्य रुक या बंद हो जाते हैं। साथ ही सूर्य का बल कम हो जाता है, जिससे शुभ कार्यों का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाता है। 

इस अवधि में  सूर्य देवगुरु (बृहस्पति) की सेवा में होते हैं। चूंकि, गुरु और सूर्य दोनों ही शुभ ग्रह हैं, इसलिए इस अवधि में अभावग्रस्त या निर्धन लोगों की सहायता करने से कुंडली के दोष दूर होते हैं, मन को भी असीम शांति मिलती है।

खरमास में दान का है विशेष महत्व
सनातन हिन्दू धर्म में 'खरमास' का समय आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत श्रेष्ठ माना जाता है। 
इस अवधि में यद्यपि विवाह, सगाई, तिलक, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक काम वर्जित होते हैं, इसलिए नहीं किए जाते। नए घर में प्रवेश या नए मकान की नींव डालना इस महीने में अशुभ माना जाता है। बच्चों के सोलह संस्कारों में मुख्य- मुंडन, कान छेदन या यज्ञोपवीत संस्कार भी नहीं किए जाते। परन्तु आध्यात्मिक उन्नति, जप-तप और दान-पुण्य के लिए खरमास के दिनों को उत्तम माना गया है। अतः खरमास का महीना पूजा-पाठ, दान-पुण्य के लिए किसी वरदान जैसा है। ज्योतिष शास्त्र एवं पुराणों के अनुसार, इस समय (खरमास में)  किया गया थोड़ा सा दान भी हजार गुना फल देता है। 

किस दान से कैसा फल
- जीवन में मानसिक तनाव रहता है, तो खरमास में किसी भूखे को भोजन कराएं या अनाज का दान करें। शास्त्रों में 'अन्न दान' को महादान कहा गया है।

- खरमास सूर्य का समय है, इसलिए सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए गुड़, गाय का घी और तांबे के बर्तनों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

- खरमास में सूर्य देव गुरु की राशि में होते हैं, इसलिए चने की दाल, हल्दी या पीले कपड़ों का दान करने से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा मिलती है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

- गर्मी की आहट शुरू होते ही पानी का दान करना या किसी प्यासे को जल पिलाना सबसे पुण्य कार्य है। इससे पितृ-दोष से भी मुक्ति मिलती है।
- खरमास में कपड़े और जूते-चप्पल का दान करने से मन का अहंकार कम होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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खरमास को लेकर मान्यता है, कि इस अवधि में सूर्य देव की आराधना बहुत शुभफलदायी होती है। सूर्य की उपासना-आराधना-पाठ सुख-सौभाग्य, मान-सम्मान, स्वास्थ्य, संपत्ति की प्राप्ति में सहायक होता  है। सूर्य देव की कृपा पाने खरमास में उगते हुए सूर्य देवता को विशेष रूप से जल देना चाहिए। खरमास में सूर्य देवता की पूजा में श्रद्धा-विश्वास के साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता, सुख और संपत्ति प्राप्ति के मार्ग खुलते हैं। अतः खरमास में विशेषरूप से सूर्य के इन  मंत्रों का जाप करना श्रेष्ठ होगा-
ॐ घृणि सूर्याय नम:.

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ

ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयत्

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा


खरमास में सूर्य चालीसा का पाठ  
खरमास की अवधि में यदि आप प्रतिदिन सूर्य चालीसा का पाठ करते हैं, तो आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी-

श्री सूर्य चालीसा  
॥ दोहा ॥
कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग।
पद्मासन   स्थित   ध्याइये,  शंख  चक्र के सङ्ग॥

॥ चौपाई ॥
जय सविता जय जयति दिवाकर। सहस्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर॥

भानु पतंग मरीची भास्कर। सविता हंस सुनूर विभाकर॥

विवस्वान आदित्य विकर्तन। मार्तण्ड हरिरूप विरोचन॥

अम्बरमणि खग रवि कहलाते। वेद हिरण्यगर्भ कह गाते॥

सहस्रांशु प्रद्योतन, कहिकहि। मुनिगन होत प्रसन्न मोदलहि॥

अरुण सदृश सारथी मनोहर। हांकत हय साता चढ़ि रथ पर॥

मंडल की महिमा अति न्यारी। तेज रूप केरी बलिहारी॥

उच्चैःश्रवा सदृश हय जोते। देखि पुरन्दर लज्जित होते॥

मित्र मरीचि भानु अरुण भास्कर। सविता सूर्य अर्क खग कलिकर॥

पूषा रवि आदित्य नाम लै। हिरण्यगर्भाय नमः कहिकै॥

द्वादस नाम प्रेम सों गावैं। मस्तक बारह बार नवावैं॥

चार पदारथ जन सो पावै। दुःख दारिद्र अघ पुंज नसावै॥

नमस्कार को चमत्कार यह। विधि हरिहर को कृपासार यह॥

सेवै भानु तुमहिं मन लाई। अष्टसिद्धि नवनिधि तेहिं पाई॥

बारह नाम उच्चारन करते। सहस जनम के पातक टरते॥

उपाख्यान जो करते तवजन। रिपु सों जमलहते सोतेहि छन॥

धन सुत जुत परिवार बढ़तु है। प्रबल मोह को फंद कटतु है॥

अर्क शीश को रक्षा करते। रवि ललाट पर नित्य बिहरते॥

सूर्य नेत्र पर नित्य विराजत। कर्ण देस पर दिनकर छाजत॥

भानु नासिका वासकरहुनित। भास्कर करत सदा मुखको हित॥

ओंठ रहैं पर्जन्य हमारे। रसना बीच तीक्ष्ण बस प्यारे॥

कंठ सुवर्ण रेत की शोभा। तिग्म तेजसः कांधे लोभा॥

पूषां बाहू मित्र पीठहिं पर। त्वष्टा वरुण रहत सुउष्णकर॥

युगल हाथ पर रक्षा कारन। भानुमान उरसर्म सुउदरचन॥

बसत नाभि आदित्य मनोहर। कटिमंह, रहत मन मुदभर॥

जंघा गोपति सविता बासा। गुप्त दिवाकर करत हुलासा॥

विवस्वान पद की रखवारी। बाहर बसते नित तम हारी॥

सहस्रांशु सर्वांग सम्हारै। रक्षा कवच विचित्र विचारे॥

अस जोजन अपने मन माहीं। भय जगबीच करहुं तेहि नाहीं ॥

दद्रु कुष्ठ तेहिं कबहु न व्यापै। जोजन याको मन मंह जापै॥

अंधकार जग का जो हरता। नव प्रकाश से आनन्द भरता॥

ग्रह गन ग्रसि न मिटावत जाही। कोटि बार मैं प्रनवौं ताही॥

मंद सदृश सुत जग में जाके। धर्मराज सम अद्भुत बांके॥

धन्य-धन्य तुम दिनमनि देवा। किया करत सुरमुनि नर सेवा॥

भक्ति भावयुत पूर्ण नियम सों। दूर हटतसो भवके भ्रम सों॥

परम धन्य सों नर तनधारी। हैं प्रसन्न जेहि पर तम हारी॥

अरुण माघ महं सूर्य फाल्गुन। मधु वेदांग नाम रवि उदयन॥

भानु उदय बैसाख गिनावै। ज्येष्ठ इन्द्र आषाढ़ रवि गावै॥

यम भादों आश्विन हिमरेता। कातिक होत दिवाकर नेता॥

अगहन भिन्न विष्णु हैं पूसहिं। पुरुष नाम रवि हैं मलमासहिं॥

॥ दोहा ॥
भानु  चालीसा  प्रेम  युत, गावहिं  जे नर  नित्य।
सुख संपत्ति लहि बिबिध, होंहिं सदा कृतकृत्य॥
 
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चार राशियों हेतु खरमास अनुकूलता लाएगा
सूर्य मीन राशि में (15 मार्च से 14 अप्रैल 2026 तक) रहेंगे। मीन राशि गुरु की राशि है, जो भावनाओं और समझदारी से जुड़ी है। इसलिए इन दिनों सूर्य का स्वभाव थोड़ा नरम और गंभीर हो जाता है। 'खरमास' स्वयं को समझने और शांति पाने के लिए बहुत अच्छा समय या अनुकूल दिन होते हैं। 

ज्योतिषाचार्य मानते हैं, सूर्य का मीन में गोचर / खरमास का काल हमें बताता है, कि सफलता केवल भागदौड़ ही नहीं, बल्कि अपनों के लिए अपनत्व, सही तालमेल भी आवश्यक है। खरमास में काम का दायित्व तो बना रहेगा, परन्तु मन दुनिया के शोर से हटकर शान्ति की खोज करेगा। एक प्रकार से खरमास अपनी इच्छाएं पूरी करने स्वयं को मानसिक रूप से तैयार करने का यह सही अवसर भी है।

मीन राशि में सूर्य का जाना खरमास तो लाता है, परन्तु वृषभ, कर्क, वृश्चिक और धनु राशि वालों को उपहार मिलने जैसा है। इन चरों राशि पर सूर्य का खरमास की अवधि में निम्न प्रभाव की संभावना है-

वृषभ 
खरमास का समय वृषभ राशि के जातकों के लिए आनंद और लाभ की नई आशा लेकर आएगा। आपके मेल-जोल का दायरा बढ़ेगा, जिससे आपकी बड़ी इच्छाएं पूरी होने की अच्छी संभावना है। घर-परिवार में (अगर कोई) पुराना तनाव चल रहा था, तो वह दूर होगा। प्रॉपर्टी से जुड़े कामों में भी सुधार दिखेगा। अपनों का पूरा साथ मिलने से आपका मन बहुत संतुष्ट होगा, शान्ति का अनुभव करेगा। अटके हुए काम (यदि हैं) धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगेंगे। आपको धैर्य रखने की आवश्यकता है, क्योंकि आपके परिश्रम का अनुकूल पहल अवश्य मिलेगा।
आप अपने से बड़ों का सदैव आदर करें एवं प्रत्येक रविवार सूर्य देव को लाल फूल चढ़ाएं।

कर्क  
यह समय स्वयं को निखारने एवं उन्नति हेतु प्रयास करके का है। कर्क राशि वालों का खरमास में मन धर्म-कर्म और नई चीजें सीखने में लगेगा, जिससे आपको हार्दिक संतुष्टि मिलेगी। आर्थिक स्थिति पहले से श्रेष्ठ होगी। अपने पैसों का सही संचालन करना सीख जाएंगे। भाई-बहनों के साथ आपके रिश्ते पहले से अधिक प्रबल होंगे एवं आप अपनी बात खुलकर कह पाएंगे। करियर में आगे बढ़ने के लिए आपको अचानक कोई बढ़िया अवसर मिल सकता है। आपको अपने परिश्रम पर विश्वास रखें एवं व्यर्थ के स्वप्न न देखें। अपने गुरुओं का आशीर्वाद अवश्य लें। रविवार को थोड़ा गुड़ या गेहूं का दान करें। 

वृश्चिक  
करियर की दृष्टिकोण से वृश्चिक राशि के जातकों हेतु खरमास बहुत ही अनुकूल रहेगा। कार्यालय में आपके नए विचारों या प्रस्ताव की प्रशंसा होगी। आप अपने विचारों / योजनाओं से अपनी योग्यता को प्रमाणित कर सकते हैं। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा एवं लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे। बच्चों की ओर से भी कोई अच्छा समाचार मिल सकता है, जिससे घर का परिवेश खिल उठेगा। सफलता मिलने पर आप अपनी विनम्रता बनाये रखें एवं अहंकार कदापि न करें। अपने स्वभाव में हर हाल में सादगी बनाए रखें। पानी में लाल फूल डालकर प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें। 

धनु राशि
घर और ऑफिस, दोनों ही जगह सूर्य का मीन में गोचर अच्छे परिणाम  लाएगा। धनु राशि वालों के लिए यह खरमास अपने परिवार को और भी अच्छी तरह से संभालने का अवसर देगा। प्रयास करते हुए आप अपने प्रोफेशनल लक्ष्यों को पा सकेंगे। किसी बुजुर्ग या गुरु से ऐसा सुझाव मिल सकता है, जो आपके बहुत उपयोगी होगा। अपनी समझदारी से आप आने वाली चुनौती को पार कर लेंगे। अपने सुख-सुविधाओं एवं काम के बीच सही संतुलन बनायें, जिससे आप सफल होंगे। प्रत्येक रविवार सुबह सूर्य देव को श्रद्धा के साथ जल चढ़ाएं। अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें।  



*आचार्य नित्यानंद गिरी (कथावाचक, ज्योतिर्विद, गौ-संत-विप्र सेवी)
मो. 9216745145 
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