लोकसभा की सीट 543 से बढ़कर 850 होगी ! संसद का तीन-दिवसीय विशेष सत्र आज से आरंभ, महिला आरक्षण और...
➯अलग-अलग राज्यों की दो हजार महिलाएं अपनी पारंपरिक वेशभूषा में देखेंगी कार्यवाही
➯महिला आरक्षण विधेयक LIVE
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संसद के आज (16 अप्रैल) से शुरू हो रहे तीन-दिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को लेकर चर्चा होगी। दरअसल, केंद्रीय कैबिनेट ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" को लागू करने के लिए बिल के मसौदे को स्वीकृति दे दी है। इन प्रस्तावित बदलावों के अंतर्गत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने की योजना है।
इस विधायी पैकेज में संविधान संशोधन बिल के साथ-साथ परिसीमन अधिनियम में भी बदलाव शामिल होने की संभावना है। इससे सीटों की संख्या बढ़ने के बाद निर्वाचन क्षेत्रों का दोबारा निर्धारण किया जा सकेगा। इसके अलावा, एक और बिल के माध्यम से दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिला आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव है।
यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को वर्तमान 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके अंतर्गत संविधान के अनुच्छेद-81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना की प्रतीक्षा किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनावों से पहले लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करना है।
परिसीमन विधेयक-2026
परिसीमन विधेयक-2026
यह विधेयक पुराने परिसीमन अधिनियम-2002 को निरस्त करके उसकी स्थान लेगा। इस विधेयक के अंतर्गत एक नए परिसीमन आयोग के गठन का प्रावधान है। यह आयोग नवीनतम जनगणना (2011) के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं की सीटों के आवंटन एवं निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा।
केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक-2026
केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक-2026
यह एक सक्षम विधेयक (Enabling Bill) है, जो राज्यों के अतिरिक्त दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ करेगा। तीनों विधेयक मुख्य रूप से महिला आरक्षण को जल्द लागू करने और देश के चुनावी ढांचे में व्यापक बदलाव (परिसीमन) करने के लिए लाए जा रहे हैं।
संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। वर्तमान संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या निर्धारित करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। वर्तमान संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या निर्धारित करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
विधेयकों के माध्यम से कैसे बढ़ेंगी लोकसभा सीटें ?
महिला आरक्षण को लागू करने के लिए पहले सीटों को बढ़ाए जाने का प्रावधान किया जा चुका है, इसलिए सरकार संविधान (131वां संशोधन) ला रही है, ताकि लोकसभा की सीटों को बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से संविधान के अनुच्छेद-81 और 82 में संशोधन किया जा सके।
लोकसभा में संख्या बल बढ़ेगा
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद-81 में संशोधन किया जाएगा। इसके अंतर्गत लोकसभा की वर्तमान क्षमता (543 सदस्य) को बढ़ाकर अधिकतम 850 सदस्य कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था में राज्यों से अधिकाधिक 815 प्रतिनिधि चुने जाएंगे, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों से अधिकतम 35 सदस्य लोकसभा पहुंचेंगे। सीटों की संख्या बढ़ने से तकनीकी रूप से हर निर्वाचन क्षेत्र का भौगोलिक आकार छोटा हो जाएगा। इन 850 सीटों में से 33% महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। अर्थात 2029 के लोकसभा चुनाव से लगभग 280 सीटों पर केवल महिला प्रत्याशी ही आरक्षण के अंतर्गत चुनाव लड़ सकेंगी।
2023 के महिला आरक्षण विधेयक का क्या हुआ ?
संसद द्वारा जिस नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन अधिनियम) का सितंबर 2023 में सफलतापूर्वक पारित किया था, उसमें पहले ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण प्रदान करने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, इसके लागू होने में एक बड़ी तकनीकी बाधा आ रही थी। दरअसल, 2023 के कानून की शर्तों के अनुसार, महिला आरक्षण को उस परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही लागू किया जा सकता था, जो 2023 के बाद होने वाली पहली जनगणना पर आधारित हो। अब चूंकि जनगणना की प्रक्रिया में देरी हुई है, इसलिए 2023 वाले कानून के अंतर्गत महिला आरक्षण 2034 से पहले लागू होना कठिन था। इसी तकनीकि अड़चन को दूर करने मोदी सरकार अब विशेष सत्र में नए विधेयक ला रही है, जिससे 2023 के कानून में आवश्यक बदलाव किए जा सकें। सरकार का उद्देश्य है, कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके।
दो हजार महिलाएं देखेंगी कार्यवाही
"नारी शक्ति वंदन संशोधित अधिनियम" को लेकर सरकार ने संसद में व्यापक तैयारी की है। संसद भवन की विजिटर गैलरी में देश के विभिन्न वर्गों और राज्यों से आई महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे वे इस ऐतिहासिक विधेयक पर चल रही बहस को प्रत्यक्ष देख सकें। जानकारी के अनुसार, दिनभर एक-एक घंटे के अंतराल पर लगभग 2,000 महिलाओं को संसद की कार्यवाही दिखाने का प्रबंध किया गया है। इन महिलाओं में अलग-अलग राज्यों की प्रतिनिधि शामिल हैं, जो अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचेंगी, जिससे विविधता की झलक भी देखने को मिलेगी। संसद में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से बड़ी संख्या में महिला सांसद अपने विचार रखेंगी। सरकार का प्रयास है, कि महिलाओं की भागीदारी और दृष्टिकोण को प्रमुखता से सामने लाया जाए। प्रधानमंत्री भी आज इस बिल पर अपना पक्ष रखेंगे, जिससे बहस को और अहम आयाम मिल सकता है। यह पूरा आयोजन नारी सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाने के रूप में देखा जा रहा है।
"नारी शक्ति वंदन संशोधित अधिनियम" को लेकर सरकार ने संसद में व्यापक तैयारी की है। संसद भवन की विजिटर गैलरी में देश के विभिन्न वर्गों और राज्यों से आई महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे वे इस ऐतिहासिक विधेयक पर चल रही बहस को प्रत्यक्ष देख सकें। जानकारी के अनुसार, दिनभर एक-एक घंटे के अंतराल पर लगभग 2,000 महिलाओं को संसद की कार्यवाही दिखाने का प्रबंध किया गया है। इन महिलाओं में अलग-अलग राज्यों की प्रतिनिधि शामिल हैं, जो अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचेंगी, जिससे विविधता की झलक भी देखने को मिलेगी। संसद में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से बड़ी संख्या में महिला सांसद अपने विचार रखेंगी। सरकार का प्रयास है, कि महिलाओं की भागीदारी और दृष्टिकोण को प्रमुखता से सामने लाया जाए। प्रधानमंत्री भी आज इस बिल पर अपना पक्ष रखेंगे, जिससे बहस को और अहम आयाम मिल सकता है। यह पूरा आयोजन नारी सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाने के रूप में देखा जा रहा है।
PMप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर पोस्ट कर ऋग्वेद का एक श्लोक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥
हर राज्य, समुदाय व क्षेत्र की आकांक्षा होगी पूरी !
Three-day special session of Parliament from today
http://www.dharmnagari.com/2026/04/India-Nuclear-energy-remarkable-milestone-Kalpakkam-reactor-will-be-game-changer.html
Several political parties including BJP, JD(U), LJP(R) and Congress have issued three line whip to all its MPs of both the Houses to remain present during the proceedings of the House and support their party stand.
Meanwhile, Congress President and Leader of Opposition in Rajya Sabha, Mallikarjun Kharge said opposition parties are in favour of the Women’s Reservation Bill but expressed apprehensions about the way in which the Bill is being brought.
यदि आप या आपके परिवार, मित्र आदि किसी प्रकार की समस्या (विवाह, नौकरी, स्वास्थ्य, संपत्ति विवाद आदि) से जूझ रहे हों और आपने बहुत प्रयास किया, लेकिन कोई सही मार्गदर्शन या रास्ता अब तक नहीं मिला... तो आप अपनी समस्या या प्रश्न अपने नाम के साथ जन्मदिन, जन्म समय एवं जन्मस्था (तीनों सही-सही) 810 910 7075 पर वाट्सअप करें।
आपके प्रश्न / प्रश्नों का उत्तर एवं समस्या का निदान हेतु मार्गदर्शन साधक ज्योतिषाचार्य द्वारा दिया जाएगा। संतुष्ट होने के बाद स्वेच्छापूर्वक बिना कृपणता आपको online दक्षिणा या शुल्क 810 910 7075 पर अपने सामर्थ्य के अनुसार देना होगा, जैसे आप किसी डॉक्टर या वकील को उनकी सेवा या योग्यता हेतु देते हैं। सोशल मीडिया में खोजें #Dharm_Nagari_
महिला आरक्षण विधेयक आज विशेष संसदीय सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। सदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, यह विधेयक हर राज्य, समुदाय और क्षेत्र की आकांक्षाओं को पूरा करता है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, इस विधेयक शनिवार तक चलने वाले विशेष संसद सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों से संपर्क किया गया है और इस विधेयक का सभी ने समर्थन किया। महिला आरक्षण राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकता और इस विधेयक की प्रक्रिया में देरी नहीं की जा सकती।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय हित में एकजुट होने के लिए सभी राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया है।
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15 वर्षों से प्रकाशित "धर्म नगरी" के विस्तार के साथ शीघ्र ही चुनिंदा ट्रेन, एयरपोर्ट, तीर्थ नगरी में स्थानीय प्रतिनिधि के माध्यम से नियमित रूप से अंक बटवाई जाएगी। विस्तार हेतु आर्थिक रूप से सम्पन्न संरक्षक चाहिए।विशेष- प्रयागराज कुंभ-2013 से अनवरत सभी कुंभ, अर्द्धकुंभ, वार्षिक माघ मेला में लगातार धर्म नगरी के विशेषांकों का प्रकाशन और इसका फ्री या किसी के "सौजन्य से..." वितरण किया जा रहा है। -----------------------------------------------
A three-day special sitting of extended Budget session of Parliament will begin today. It will continue till Saturday (18 April, 2026) and will primarily focus on Constitutional Amendments to the "Nari Shakti Vandan Adhiniyam."
The government will introduce three amendment bills to pave the way for the operationalisation of the Nari Shakti Vandan Adhiniyam, which was passed in 2023 proposing 33% reservation for women in the Lok Sabha and State Assemblies. These three Bills are-
Constitution (131 One Hundred and Thirty-First Amendment) Bill-2026,
Union Territories Laws (Amendment) Bill-2026 and
Delimitation Bill-2026.
The Constitution (Amendment) Bill seeks to further amend the Constitution of India, while the Union Territories Laws (Amendment) Bill proposes to amend the Government of Union Territories Act-1963, the Government of National Capital Territory of Delhi Act-1991 and the Jammu and Kashmir Reorganisation Act-2019.
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The Delimitation Bill provides for the readjustment of the allocation of seats in the Lok Sabha to the States and Union Territories, the total number of seats in the Legislative Assembly of each State and Union Territory and the division of each State and each Union territory having a Legislative Assembly into territorial constituencies for elections to the Lok Sabha and Legislative Assemblies of the States and Union territories.
“The special sitting has been convened to amend the Constitution so that the women’s reservation Act can be implemented in the 2029 Lok Sabha elections after carrying out the delimitation exercise. Few days ago, Prime Minister Narendra Modi had also written to the floor leaders of the Lok Sabha and Rajya Sabha urging all the parties to come together in one voice to pass amendments in this regard. PM Narendra Modi emphasised that it is imperative that the 2029 Lok Sabha elections and Assembly elections are conducted with women’s reservation in place. Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju has assured that Women Reservation Bill is balanced and takes care of the aspirations of every state, community and region.
Several political parties including BJP, JD(U), LJP(R) and Congress have issued three line whip to all its MPs of both the Houses to remain present during the proceedings of the House and support their party stand.
Meanwhile, Congress President and Leader of Opposition in Rajya Sabha, Mallikarjun Kharge said opposition parties are in favour of the Women’s Reservation Bill but expressed apprehensions about the way in which the Bill is being brought.
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