Social Media : चमत्कार का इंतजार...
आज के चुनिंदा पोस्ट्स, ट्वीट्स, वीडियो, कमेंट्स, वायरल...20220718
नई संसद भवन की बिल्डिंग : कांग्रेस और भाजपा राज में अंतर...
कांग्रेस की पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने नए संसद भवन को स्वीकृति मंजूरी दी थी
वर्ष : 2012
भवन : नई संसद निर्माण
PM : मनमोहन सिंह
पार्टी: कांग्रेस
क्षेत्रफल: 35,000 वर्ग मीटर
लागत :3000 करोड़
( महंगाई के अनुसार 2020 के लिए रकम होगी - 3900 करोड़ )
अब-
वर्ष: 2020
भवन: नई संसद निर्माण
PM : नरेंद्र मोदी
पार्टी : भाजपा
क्षेत्रफल : 65,000 वर्ग मीटर
लागत : ₹ 970 करोड़
कांग्रेस का कोई भी काम उठाकर देख लीजिए, बिना दलाली, बगैर भ्रष्टाचार के होता ही नहीं था।
वर्ष: 2020
भवन: नई संसद निर्माण
PM : नरेंद्र मोदी
पार्टी : भाजपा
क्षेत्रफल : 65,000 वर्ग मीटर
लागत : ₹ 970 करोड़
कांग्रेस का कोई भी काम उठाकर देख लीजिए, बिना दलाली, बगैर भ्रष्टाचार के होता ही नहीं था।
ध्यान देने का बहुत गंभीर तथ्य यही है, कि मोदी जी के राज में इसी संसद भवन का क्षेत्रफल 'दोगुना' किया गया है, लेकिन लागत एक चौथाई है...
👍क्योंकि कोई दलाली नहीं है, कमीशनखोरी नहीं है.
सोनिया जी कैसे विश्व की तीसरी सबसे आमीर महिला बनी. आज तक कोई कांग्रेसी नही बता पाया
कुछ समझ में आया...
सोनिया जी कैसे विश्व की तीसरी सबसे आमीर महिला बनी. आज तक कोई कांग्रेसी नही बता पाया
कुछ समझ में आया...
👍 इसीलिए 'कांग्रेस मुक्त भारत' का संकल्प देश बारंबार दोहराता है.
क्या ऐसी दर्द को छिपाने की कोशिश कर रही है कांग्रेस ?
पीएम मोदी को किनसे विरोध का सामना करना पड़ रहा है, कौन कर रहा है PM से इतनी नफ़रत ?
क्या ऐसी दर्द को छिपाने की कोशिश कर रही है कांग्रेस ?
पीएम मोदी को किनसे विरोध का सामना करना पड़ रहा है, कौन कर रहा है PM से इतनी नफ़रत ?
नया आधार लिंक कराने से महाराष्ट्र में 10 लाख गरीब गायब हो गए!
उत्तरखण्ड में भी कई लाख फ़र्ज़ी बीपीएल कार्ड धारी गरीब ख़त्म हो गए !
तीन करोड़ (3,00,00,000) से जायदा फ़र्ज़ी एलपीजी कनेक्शन धारक ख़त्म हो गए !
मदरसों से वज़ीफ़ा पाने वाले 1,95,000 फर्ज़ी बच्चे गायब हो गए!
डेढ़ करोड़ (150,00,000) से ऊपर फ़र्ज़ी राशन कार्ड धारी गायब हो गए!
ये सब क्यों और कहाँ गायब होते जा रहे हैं !
तीन करोड़ (3,00,00,000) से जायदा फ़र्ज़ी एलपीजी कनेक्शन धारक ख़त्म हो गए !
मदरसों से वज़ीफ़ा पाने वाले 1,95,000 फर्ज़ी बच्चे गायब हो गए!
डेढ़ करोड़ (150,00,000) से ऊपर फ़र्ज़ी राशन कार्ड धारी गायब हो गए!
ये सब क्यों और कहाँ गायब होते जा रहे हैं !
चोरों का सारा काला चिटठा खुलने वाला है …
इसीलिए सारे चोर ने मिलकर माननीय सर्वोच्च न्यायलय में याचिका दायर कर दी कि आधार लिंक हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है ! चोरों को प्राइवेसी का कैसा अधिकार !
1) कंपनी के MD :मोदी ने फर्जी 3 लाख से ज्यादा कम्पनियां बन्द कर दी है !
2) राशऩ डीलर नाराज़ हो गये !
3) Property Dealer नाराज़ हो गये !
4)ऑनलाइन सिस्टम बनने से दलाल नाराज़ हो गये है !
5) 40,000 फर्जी NGO बन्द हो गये है, इसलिए इन NGO के मालिक भी नाराज़ हो गये !
6) No 2 की Income से Property खरीद ने वाले नाराज़ हो गये !
7) E-Tender होने से कुछ ठेकेदार भी नाराज़ हो गये !
8) गैस कंपनी वाले नाराज़ हो गये !
9) अब तक जो 12 करोड लोग Income टैक्स के दायरे में आ चुके हैं वह लोग नाराज़ हो गये!
10) GST सिस्टम लागू होने से ब्यापारी लोग नाराज़ हो गये, क्योकि वो लोग Automatic सिस्टम मै आ गये है!
11) वो 2 नम्बर के काम बाले लोग फलना फूलना बन्द हो गये है!
13) Black को White करने का सिस्टम एक दम से लुंज सा हो गया है।
14) आलसी सरकरी अधिकारी नाराज हो गये, क्योकि समय पर जाकर काम करना पड रहा हैं!
15) वो लोग नाराज हो गये, जो समय पर काम नही करते थे और रिश्वत देकर काम करने मे विश्वास करते है।
16) 10 रुपये महीना का कमरा और 300 रु महीना मै खाना खाने वाला 7 साल तक मुफ्त की रोटी तोड़ने वाला JNU का छात्र भी परेशान है मोदी से😀😀
दु:ख होना लाज़मी है। देश बदलाव की कहानी लिखी जा रही है, जिसे समझ आ रही है बदल रहा है।जिसे नही आ रही है, वो मंदबुध्दि युवराज के #मानसिक_गुलाम हमे अंधभक्त कह कह कर छाती कूट रहे है!
इसीलिए सारे चोर ने मिलकर माननीय सर्वोच्च न्यायलय में याचिका दायर कर दी कि आधार लिंक हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है ! चोरों को प्राइवेसी का कैसा अधिकार !
1) कंपनी के MD :मोदी ने फर्जी 3 लाख से ज्यादा कम्पनियां बन्द कर दी है !
2) राशऩ डीलर नाराज़ हो गये !
3) Property Dealer नाराज़ हो गये !
4)ऑनलाइन सिस्टम बनने से दलाल नाराज़ हो गये है !
5) 40,000 फर्जी NGO बन्द हो गये है, इसलिए इन NGO के मालिक भी नाराज़ हो गये !
6) No 2 की Income से Property खरीद ने वाले नाराज़ हो गये !
7) E-Tender होने से कुछ ठेकेदार भी नाराज़ हो गये !
8) गैस कंपनी वाले नाराज़ हो गये !
9) अब तक जो 12 करोड लोग Income टैक्स के दायरे में आ चुके हैं वह लोग नाराज़ हो गये!
10) GST सिस्टम लागू होने से ब्यापारी लोग नाराज़ हो गये, क्योकि वो लोग Automatic सिस्टम मै आ गये है!
11) वो 2 नम्बर के काम बाले लोग फलना फूलना बन्द हो गये है!
13) Black को White करने का सिस्टम एक दम से लुंज सा हो गया है।
14) आलसी सरकरी अधिकारी नाराज हो गये, क्योकि समय पर जाकर काम करना पड रहा हैं!
15) वो लोग नाराज हो गये, जो समय पर काम नही करते थे और रिश्वत देकर काम करने मे विश्वास करते है।
16) 10 रुपये महीना का कमरा और 300 रु महीना मै खाना खाने वाला 7 साल तक मुफ्त की रोटी तोड़ने वाला JNU का छात्र भी परेशान है मोदी से😀😀
दु:ख होना लाज़मी है। देश बदलाव की कहानी लिखी जा रही है, जिसे समझ आ रही है बदल रहा है।जिसे नही आ रही है, वो मंदबुध्दि युवराज के #मानसिक_गुलाम हमे अंधभक्त कह कह कर छाती कूट रहे है!
💥 अगर "देश के लिए" कुछ करना है, तो यह सन्देश अधिक से अधिक लोगों को भेजिए।
💥 बस - आपको तो एक कड़ी जोड़नी है, देखते ही देखते,"पूरा देश" जुड़ जायेगा !
💥 बस - आपको तो एक कड़ी जोड़नी है, देखते ही देखते,"पूरा देश" जुड़ जायेगा !
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Disclaimer : अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत हमारा संविधान हमे अपनी बात या पक्ष कहने की अनुमति देता है। इस कॉलम "आज के चुनिंदा पोस्ट्स, ट्वीट्स, कमेंट्स..." में कमेंट व पोस्ट SOCIAL MEDIA से ली गई है, यह जरूरी नहीं की सभी पोस्ट या पोस्ट की जानकारी अक्षरशः सत्य हों, हम यथासम्भव हर पोस्ट की सत्यता परख कर इस कॉलम में लेते हैं, फिर भी हम सभी पोस्ट एवं उनकी सभी तथ्यों से पूर्ण सहमत नहीं हैं -सम्पादक
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चमत्कार का इंतजार...
पूरे भारत में हजारों पीर की कब्रे हैं। सब पर जाने वाले और करोड़ों का चढ़ावा चढ़ाने वाले कौन हैं ? वही हिन्दू जिसे लगता है, कि इसमे दबा हुआ शव जिसे कीड़े खा चुके हैं, इनकी मनोकामना पूरी करेगा। प्रत्येक पीर के साथ चमत्कार की कहानियां जोड़ दी गई हैं। सामान्य हिन्दू यह जानने की कोशिश कभी नहीं करता कि चमत्कारी कहानी में कितना सच है।
चमत्कार का आरम्भ कैसे होता है ? एक कहानी से समझिए-
सर्दियों की अंधेरी रात थी। एक रात एक आदमी ने पंसारी की दूकान से चीनी की 2 बोरी चुरा ली। जब वह उन्हें ले जाने लगा, तो चौकीदार ने शोर मचाया। कुछ आदमी पीछे भागे।
चोर ने पकड़े जाने के डर से सोचा... क्यों ना बोरी कुँए में फेंक दूँ। एक तो वह जैसे-तैसे रात के अँधेरे में पास वाले कुएँ में फेंक दिया, लेकिन जब दूसरी बोरी क़ुए में डालने लगा, तो खुद भी बोरी के साथ कुँए में गिर गया।
सुबह शोर सुनकर लोग इकट्ठे हो गए। कुएँ में रस्सियाँ डाली गईं। उस आदमी को बाहर निकाल लिया गया। परन्तु सर्दी के कारण और रात भर पानी में रहने से वह कुछ घंटों के बाद मर गया। मरने के बाद दफना दिया गया। दूसरे दिन जब लोगों ने इस्तेमाल के लिए कुएँ में से पानी निकाला तो वह मीठा था।
नजदीक की मस्जिद के मौलवी साहब ने इसे चमत्कार बताया। उस आदमी को पीर घोषित किया. उसकी कब्र को आलिशान दरगाह बना दिया। पीर के चमत्कारों की कहानियाँ चारों तरफ फ़ैल गई। हजारों हिन्दू हनुमान जी को छोड़ कर दरगाह पर जाने लगे। उनमे वह पंसारी भी था, जिसकी दूकान में चोरी हो गई।
हर साल उस दरगाह पर उर्स मनाया जाता है। हिन्दुओं द्वारा करोड़ों का चढ़ावा चढ़ाया जाता हैं।
प्रश्न- क्या पीर पर मांगी गई मन्नत पूरी होती है ? आप किसी भी पीर पर जाने वाले से पूछेंगे, तो आधे से अधिक बताएंगे कि उनकी मन्नत पूरी हुई थी। क्या ये सब गलत हैं या इन सभी को भ्रम हुआ है ?
उत्तर- मन्नत या मनोकामना पूरी होने के पीछे औसत का नियम काम करता है। बेटा पैदा होना, रोग दूर होना, परीक्षा में पास होना आदि।
उदाहरण के लिए 1 रुपए लें। उसे 100 बार उछालने पर हेड या टेल आने की सम्भावना 50-50 होती है। बेटा और बेटी पैदा होने की सम्भावना भी इतनी ही है। बस वे लोग चुप रहे जिन्होंने बेटे की मन्नत मांगी और बेटी हुई। परन्तु, जिन्होंने बेटा मांगा और बेटा हुआ उन्होंने इसका जोर-शोर से प्रचार किया।
परीक्षा में पास होने की या रोग दूर होने की सम्भावना तो 66% से अधिक ही होती है। बेटे या बेटी की शादी के लिए दामाद या बहू मिलने की सम्भावना तो लगभग 100% होती है।
इनमें से कोई भी सूर्य के पश्चिम से उगने की मन्नत नहीं मांगता। कोई भी मिर्च के बीज से आम या अंगूर उत्पन्न होने की मन्नत नहीं मांगता। कोई भी मई जून में ठण्ड की व जनवरी में गर्मी की मन्नतें नहीं मांगता। केवल वही मन्नतें मांगी जाती हैं, जिनके पूरा होने की सम्भावना हो।
आज पूरे भारत में कहीं भी पीर की कब्र रातों-रात बना दी जाती है। फ्लाईओवर पर भी पीर की कब्र बना दी जाती है। वैसे यह प्रचलन नया नही है। एक ऐतिहासिक भवन में ऊपरी मंजिल पर कब्र बनी हुई है। आश्चर्य है कि छत पर किसी को कैसे दफनाया जा सकता है।
बेहद कीमती व्यवसायिक जमीनों पर पीर है। दिल्ली, गुड़गांव में अनेक बहुमूल्य जमीनों पर पीर की कब्र हैं। किसी भी शहर में व्यापारिक केंद्र के पास, रेलवे स्टेशन के पास व बस स्टैंड के पास भी पीर के नाम पर करोड़ों की जगह कब्जाई हुई मिल जाएगी। यहाँ से फिर ज़मीन Jहाद शुरू हो जाता है। कुछ समय बाद उस पीर के कागज वक्क बोर्ड में जाते है। वक्क बोर्ड किसी कोर्ट में जाता है। कोर्ट के माध्यम से नमाजी मोमिन उस पीर की ज़मीन पर कब्जा कर लेते है। आगे दुकान निकाल लेते हैं और पीछे पीर का का चढ़ावा उठाते रहते है। उस चढ़ावे के पैसे से Jहाद चलाते हैं। यही तो है सारा खेल।
विश्वास रखिए-
इन पीरों के चमत्कार का रहस्य केवल हिंदुओं का चढ़ावा है। आप चढ़ावा बन्द करिए। पीर अपने आप भाग जाएगा। #साभार- अखिल भारतीय हिंदू रक्षा सेना
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उत्तर- मन्नत या मनोकामना पूरी होने के पीछे औसत का नियम काम करता है। बेटा पैदा होना, रोग दूर होना, परीक्षा में पास होना आदि।
उदाहरण के लिए 1 रुपए लें। उसे 100 बार उछालने पर हेड या टेल आने की सम्भावना 50-50 होती है। बेटा और बेटी पैदा होने की सम्भावना भी इतनी ही है। बस वे लोग चुप रहे जिन्होंने बेटे की मन्नत मांगी और बेटी हुई। परन्तु, जिन्होंने बेटा मांगा और बेटा हुआ उन्होंने इसका जोर-शोर से प्रचार किया।
परीक्षा में पास होने की या रोग दूर होने की सम्भावना तो 66% से अधिक ही होती है। बेटे या बेटी की शादी के लिए दामाद या बहू मिलने की सम्भावना तो लगभग 100% होती है।
इनमें से कोई भी सूर्य के पश्चिम से उगने की मन्नत नहीं मांगता। कोई भी मिर्च के बीज से आम या अंगूर उत्पन्न होने की मन्नत नहीं मांगता। कोई भी मई जून में ठण्ड की व जनवरी में गर्मी की मन्नतें नहीं मांगता। केवल वही मन्नतें मांगी जाती हैं, जिनके पूरा होने की सम्भावना हो।
आज पूरे भारत में कहीं भी पीर की कब्र रातों-रात बना दी जाती है। फ्लाईओवर पर भी पीर की कब्र बना दी जाती है। वैसे यह प्रचलन नया नही है। एक ऐतिहासिक भवन में ऊपरी मंजिल पर कब्र बनी हुई है। आश्चर्य है कि छत पर किसी को कैसे दफनाया जा सकता है।
बेहद कीमती व्यवसायिक जमीनों पर पीर है। दिल्ली, गुड़गांव में अनेक बहुमूल्य जमीनों पर पीर की कब्र हैं। किसी भी शहर में व्यापारिक केंद्र के पास, रेलवे स्टेशन के पास व बस स्टैंड के पास भी पीर के नाम पर करोड़ों की जगह कब्जाई हुई मिल जाएगी। यहाँ से फिर ज़मीन Jहाद शुरू हो जाता है। कुछ समय बाद उस पीर के कागज वक्क बोर्ड में जाते है। वक्क बोर्ड किसी कोर्ट में जाता है। कोर्ट के माध्यम से नमाजी मोमिन उस पीर की ज़मीन पर कब्जा कर लेते है। आगे दुकान निकाल लेते हैं और पीछे पीर का का चढ़ावा उठाते रहते है। उस चढ़ावे के पैसे से Jहाद चलाते हैं। यही तो है सारा खेल।
विश्वास रखिए-
इन पीरों के चमत्कार का रहस्य केवल हिंदुओं का चढ़ावा है। आप चढ़ावा बन्द करिए। पीर अपने आप भाग जाएगा। #साभार- अखिल भारतीय हिंदू रक्षा सेना
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