देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है, देश की बहन-बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है, घुसपैठिये जमीन पर...
...कब्जा कर रहे, हाई पावन डेमोग्राफी मिशन शुरू करेंगे : PM मोदी
- लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से अब तक के सबसे लंबा संबोधन
- PM ने 'ऑपरेशन सिंदूर' से लेकर जीएसटी में सुधार तक, सब कुछ बोलें
- ऑप्रेशन सिंदूर से दुश्मन को संदेश, सेना ने वो किया, जो कभी नहीं हुआ
- न्यूक्लियर धमकी स्वीकार नहीं, युद्ध के तौर-तरीके बदल रहे हैं, हमने जो महारथ पाई है, उसे विस्तारित करने की जरूरत है
- अब खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा, हमारी नदियों , पाक के साथ सिन्धु जल समझौता एकतरफा था
- 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने पर काम जारी, सेमीकंडक्टर में देश आत्मनिभर बनेगा, मेड इन इंडिया
- देश की दो करोड़ लखपति दीदी बनीं,
- इस दीपावली पर जीएसटी का तोहफा, जीएसटी में बदलाव के लिये कमेटी गठित,
- आम नागरिकों पर जीएसटी का बोझ कम होगा, रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जायेंगी,
किसान, पशुपालक, मछुआरे हमारी प्राथमिकता
- देश ने गरीबी हटाओं के नारे बहुत सुने, देश के 10 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले
- देश ने मान लिया था पिछड़े राज्यों को प्राथमिकता देना लक्ष्य,
- महाकुंभ में भारत की विविधता दिखती है, महाकुंभ की सफलता में एकता के दर्शन
- हमारी भाषाओं से हमारी नॉलेज बढ़ेगी,
सेमीकंडक्टर और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा
- देश में 4 करोड़ गरीबों को घर मिला,
- हम योजनाओं को जमीन पर उतार रहे हैं,
- सरकार फाइलों में नहीं होनी चाहिए, अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है
- भारतीय किसानों की मेहनत रंग ला रही है, सब्जी उत्पादन में भारत विश्व में दूसरे नंबर पर
- फसल बीमा योजना किसानों को साहसी बना रही है, किसानों के अहित से समझौता नहीं,
- गरीबी क्या होती है, मैं जानता हूं,
- पीएम धन-धान्य योजना शुरु, किसानों के अहित से समझौता नहीं,
- पीएम विकसित भारत योजना आज से लागू। एक लाख करोड़ रु की योजना से 35 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा
- पिछले 11 साल में राष्ट्ररक्षा में बदलाव किये, हम बदलाव लाने में सफल हुए
- देश नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है, 125 जिलों में से 105 जिले नक्सलवाद से मुक्त
- देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है, देश की बहन-बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है, घुसपैठिये जमीन पर कब्जा कर रहे, देश को घुसपैठियों के हवाले नहीं किया जा सकता, हाई पावन डेमोग्राफी मिशन शुरू करेंगे
आने वाले 10 सालों में, 2035 तक राष्ट्रीय सुरक्षा का विस्तार करते हुए आधुनिक बनाना चाहता हूं,
- कल जन्माष्टमी का पावन पर्व है, कृष्ण का जो सुदर्शन चक्र था, जब महाभारत का युद्ध चल रहा था, तब श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था, तब अर्जुन ने जयद्रथ को मारने की जो प्रतिज्ञा ली थी, उसे पूरा किया। अब देश सुरदर्शन चक्र मिशन लांच करेंगे, ये मिशन पावरफुल, दुश्मनों को खत्म करेगा, मिशन सुदर्शन चक्र के लिए कुछ मूलभूत तत्व होंगे- यह पूर्णत: आधुनिक टेक्नोलॉजी होगा
ध्वजारोहण और झंडा फहराने का अंतर
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी)- इस दिन राष्ट्रपति पहले से ऊपर बंधे झंडे को खोलते हैं, जिसे Flag Unfurling कहा जाता है। यह परंपरा 1950 में संविधान लागू होने से जुड़ी है और स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है।
15 अगस्त 1947 को तिरंगे का पहली बार लाल किले पर ध्वजारोहण हुआ, जो स्वतंत्रता की घोषणा करना था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद ध्वज को अनफर्ल किया गया, जो राष्ट्र की संप्रभुता और स्थायित्व को दर्शाता है। इसलिए, 15 अगस्त को ध्वजारोहण और 26 जनवरी को ध्वज फहराना (अनफर्लिंग) होता है। यह अंतर केवल हमारी परंपरा का नहीं, अपितु हमारे इतिहास और भावनाओं का प्रतीक भी है।
धर्म नगरी / DN News
79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनवरत 12वें वर्ष देश को आज (15 अगस्त) संबोधित किया, जो देश के किसी PM द्वारा सर्वाधिक बार लाल किले से संबोधन (speech) रहा। इसके साथ उन्होंने सबसे बड़ा (100 मिनट से अधिक) का स्पीच दिया, जिसके कुछ महत्वपूर्व बिन्दु या तथ्य इस प्रकार रहे-
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- ऑप्रेशन सिंदूर से दुश्मन को संदेश, सेना ने वो किया, जो कभी नहीं हुआ
- न्यूक्लियर धमकी स्वीकार नहीं, युद्ध के तौर-तरीके बदल रहे हैं, हमने जो महारथ पाई है, उसे विस्तारित करने की जरूरत है
- अब खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा, हमारी नदियों , पाक के साथ सिन्धु जल समझौता एकतरफा था
- 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने पर काम जारी, सेमीकंडक्टर में देश आत्मनिभर बनेगा, मेड इन इंडिया
- देश की दो करोड़ लखपति दीदी बनीं,
- इस दीपावली पर जीएसटी का तोहफा, जीएसटी में बदलाव के लिये कमेटी गठित,
- आम नागरिकों पर जीएसटी का बोझ कम होगा, रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जायेंगी,
किसान, पशुपालक, मछुआरे हमारी प्राथमिकता
- देश ने गरीबी हटाओं के नारे बहुत सुने, देश के 10 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले
- देश ने मान लिया था पिछड़े राज्यों को प्राथमिकता देना लक्ष्य,
- महाकुंभ में भारत की विविधता दिखती है, महाकुंभ की सफलता में एकता के दर्शन
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सेमीकंडक्टर और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा
- देश में 4 करोड़ गरीबों को घर मिला,
- हम योजनाओं को जमीन पर उतार रहे हैं,
- सरकार फाइलों में नहीं होनी चाहिए, अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है
- भारतीय किसानों की मेहनत रंग ला रही है, सब्जी उत्पादन में भारत विश्व में दूसरे नंबर पर
- फसल बीमा योजना किसानों को साहसी बना रही है, किसानों के अहित से समझौता नहीं,
- गरीबी क्या होती है, मैं जानता हूं,
- पीएम धन-धान्य योजना शुरु, किसानों के अहित से समझौता नहीं,
- पीएम विकसित भारत योजना आज से लागू। एक लाख करोड़ रु की योजना से 35 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा
लाल किले पहुंचे PM-
- आज से 100 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक का जन्म हुआ, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर राष्ट्र निर्माण के लिये काम किया, सेवा समर्पण संगठन इसकी पहचान रही है, ये दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है, देश राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक पर गर्व करता है
- पिछले 11 साल में राष्ट्ररक्षा में बदलाव किये, हम बदलाव लाने में सफल हुए
- देश नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है, 125 जिलों में से 105 जिले नक्सलवाद से मुक्त
- देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है, देश की बहन-बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है, घुसपैठिये जमीन पर कब्जा कर रहे, देश को घुसपैठियों के हवाले नहीं किया जा सकता, हाई पावन डेमोग्राफी मिशन शुरू करेंगे
आने वाले 10 सालों में, 2035 तक राष्ट्रीय सुरक्षा का विस्तार करते हुए आधुनिक बनाना चाहता हूं,
- कल जन्माष्टमी का पावन पर्व है, कृष्ण का जो सुदर्शन चक्र था, जब महाभारत का युद्ध चल रहा था, तब श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था, तब अर्जुन ने जयद्रथ को मारने की जो प्रतिज्ञा ली थी, उसे पूरा किया। अब देश सुरदर्शन चक्र मिशन लांच करेंगे, ये मिशन पावरफुल, दुश्मनों को खत्म करेगा, मिशन सुदर्शन चक्र के लिए कुछ मूलभूत तत्व होंगे- यह पूर्णत: आधुनिक टेक्नोलॉजी होगा
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(Flag Hoisting & Flag Unfurling)
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को प्रधानमंत्री तिरंगे का ध्वजारोहण करते हैं, जो स्वतंत्रता एवं नए आरंभ का प्रतीक है। 26 जनवरी को राष्ट्रपति ध्वज फहराते हैं, जो संविधान एवं स्थायित्व का प्रतीक है। दोनों के तरीके और अर्थ अलग हैं-
ध्वजारोहण और झंडा फहराने का अंतर
भारतीय ध्वज संहिता-2002 के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तिरंगे को फहराने के तरीकों में बड़ा अंतर है।
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)- इस दिन प्रधानमंत्री लाल किले पर रस्सी से झंडा नीचे से ऊपर खींचकर फहराते हैं। इसे ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहते हैं। यहाँ रोहण का अर्थ ऊपर ले जाने से है। यह परंपरा 1947 में पहली बार तिरंगा फहराने से आरंभ हुई, जो स्वतंत्रता एवं नए आरंभ का प्रतीक है।
ध्वजारोहण और झंडा फहराने का अंतर
भारतीय ध्वज संहिता-2002 के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तिरंगे को फहराने के तरीकों में बड़ा अंतर है।
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)- इस दिन प्रधानमंत्री लाल किले पर रस्सी से झंडा नीचे से ऊपर खींचकर फहराते हैं। इसे ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहते हैं। यहाँ रोहण का अर्थ ऊपर ले जाने से है। यह परंपरा 1947 में पहली बार तिरंगा फहराने से आरंभ हुई, जो स्वतंत्रता एवं नए आरंभ का प्रतीक है।
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी)- इस दिन राष्ट्रपति पहले से ऊपर बंधे झंडे को खोलते हैं, जिसे Flag Unfurling कहा जाता है। यह परंपरा 1950 में संविधान लागू होने से जुड़ी है और स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है।
15 अगस्त 1947 को तिरंगे का पहली बार लाल किले पर ध्वजारोहण हुआ, जो स्वतंत्रता की घोषणा करना था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद ध्वज को अनफर्ल किया गया, जो राष्ट्र की संप्रभुता और स्थायित्व को दर्शाता है। इसलिए, 15 अगस्त को ध्वजारोहण और 26 जनवरी को ध्वज फहराना (अनफर्लिंग) होता है। यह अंतर केवल हमारी परंपरा का नहीं, अपितु हमारे इतिहास और भावनाओं का प्रतीक भी है।



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