सनातन धर्म का ध्वज चारों दिशाओं में ऊंचा लहराता रहे, आदि शंकराचार्य ने सुनिश्चित किया : अमित शाह


प्रकाशक "सस्तु साहित्य मुद्रणालय ट्रस्ट" एक शताब्दी से अत्यंत कम मूल्यों पर धर्म आदि की पुस्तकें गुजराती भाषा में पहुंचा रहा है 

धर्म नगरी / DN News

(W.app- 8109107075 न्यूज़, कवरेज कराने, अपने नाम से प्रयागराज माघ मेला में कॉपियाँ बटवायें या कॉपी फ्री पाने हेतु)

आदि शंकराचार्य ने भारतीय पहचान को स्थापित किया और यह सुनिश्चित किया कि सनातन धर्म का ध्वज चारों दिशाओं में खूब ऊंचा फहराता रहे। आदि शंकराचार्य की ‘ग्रंथावली’ के गुजराती संस्करण का विमोचन के अवसर पर यह बात आज (15 जनवरी) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में कही।
उन्होंने कहा, यह यह ग्रंथावली गुजरात के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उनके जीवन और कार्य पर गहरा प्रभाव डालेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, कि अद्वैत वेदांत के आठवीं शताब्दी के विद्वान के संपूर्ण ग्रंथ, जिन्हें 15 खंडों में प्रकाशित किया गया है, गुजरात के युवाओं को इन्हें समझने में मदद करेंगे और उनके जीवन तथा कार्यों पर प्रभाव छोड़ेंगे। “इन ग्रंथों में आपको उस समय के समाज में मौजूद सभी प्रश्नों के समाधान मिलेंगे।”
सुनें- आदि शंकराचार्य जी के दर्शन में सनातन संस्कृति के सभी प्रश्नों के समाधान हैं
आदि शंकरचार्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा- इतने कम जीवनकाल में इतना कुछ हासिल कर पाने वाले लोग बहुत कम हैं। शंकराचार्य ने पैदल ही पूरे देश की यात्रा की और एक तरह से उन्होंने चलते-फिरते विश्वविद्यालय की भूमिका अदा की। गृह मंत्री ने कहा- “उन्होंने केवल पैदल यात्रा ही नहीं की, बल्कि भारत की पहचान स्थापित की, चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना की, ज्ञान के केंद्र बनाए और यह सुनिश्चित किया कि सनातन धर्म का ध्वज चारों दिशाओं में ऊंचा फहराता रहे।”


अपने जीवनकाल में आदि शंकराचार्य ने बौद्ध, जैन, कपालिक और तांत्रिक परंपराओं सहित विभिन्न दार्शनिक धाराओं के उदय के बीच सनातन धर्म को लेकर उत्पन्न संदेहों का समाधान किया। शंकराचार्य ने सभी प्रश्नों और शंकाओं के तार्किक उत्तर दिए। उन्होंने कहा- “आदि शंकराचार्य ने केवल विचार ही नहीं दिए, बल्कि भारत को विचारों का समन्वय भी दिया। उन्होंने केवल ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि उसे एक रूप भी दिया, उन्होंने केवल मुक्ति का विचार ही प्रस्तुत नहीं किया, बल्कि उसका मार्ग भी प्रशस्त किया।”

-----------------------------------------------
इसे भी पढ़ें-
मकर संक्रांति : पिता सूर्य और पुत्र शनि का मिलन, दिन के बड़े होने... 
https://www.dharmnagari.com/2026/01/Makar-Sankranti-secrets-auspicious-time-remedies-Rahasya-Muhurt-Upaay.html

1000 वर्ष पहले सोमनाथ मन्दिर पर हुआ था पहला आक्रमण, आध्यात्मिक महत्व से परे संघर्ष, बलिदान और...
http://www.dharmnagari.com/2026/01/Somnath-a-temple-that-narrates-a-tale-of-1000-years-Somnath-Swabhiman-Parv.html
-----------------------------------------------

माघ मेले पर केंद्रित "धर्म नगरी माघ मेला-2026" के विशेषांक प्रकाशित हो रहे हैं, जिनका वितरण मेले में शिविरों में (सन्तों धर्माचार्यों, विभिन्न कार्यालयों, सरकारी एवं निजी प्रदर्शनियों आदि) को फ्री या "सौजन्य से..." हो रहा है। मेला क्षेत्र के प्रमुख पार्किंग, मेले में आने वाली कार, बस आदि निजी वाहनों में तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दिया जा रहा है, जिस प्रकार प्रयागराज महाकुंभ-2025 पर "धर्म नगरी" के विशेषांकों को बांटा गया। आप भी अपने या किसी अन्य के नाम से विशेषांक बटवा सकते हैं। संपर्क करें +91 8109107075-वाट्सएप मो.  6261 868110 ईमेल- dharm.nagari@gmail.com 
(देखें ☟ विशेषांक )

धर्म नगरी" पेपर एवं मैगजीन केवल फ्री या "सौजन्य से..." ही भेजी जाती है। इसके महाकुंभ-2025 विशेषांकों (पहले इश्यू देखें) के फ्री या सौजन्य से कॉपियां बांटने व भेजने के बाद (मार्च 2025 से) न तो किसी को सदस्य बनाया जाता है, न ही विज्ञापन के कोई रेट है, क्योंकि प्रकाशन पूरी तरह अव्यावसायिक या बिना लाभ-हानि के होता है। 
माघ मेला प्रयागराज, संगम क्षेत्र में लगाए जा रहे स्टीकर-
----------------------------------------------- 
गुजरात के सामूहिक चरित्र निर्माण में अखण्डानंद जी और उनके द्वारा स्थापित सस्तु साहित्य मुद्रणालय ट्रस्ट का बहुत बड़ा योगदान है...
सुनें-

उल्लेखनीय है, सस्तु साहित्य मुद्रणालय ट्रस्ट द्वारा आदि शंकराचार्य जी के 15 प्रमुख ग्रंथों का प्रकाशन किया गया है। सस्तु साहित्य मुद्रणालय ट्रस्ट एक शताब्दी से अधिक समय से अत्यंत कम मूल्यों पर धर्म, अध्यात्म, वेद, उपनिषद, आयुर्वेद सहित अन्य विषयों की पुस्तकें गुजराती भाषा में आम जन तक पहुँचा रहा है। आज विमोचित इस महान ग्रंथावली से गुजरात की युवा पीढ़ी में अपने शास्त्रों एवं ग्रंथों की गहन समझ विकसित होगी।
-----------------------------------------------

"धर्म नगरी" फ्री (कॉम्प्लिमेंट्री) कॉपी पाने हेतु अपना पूरा पता व्हाट्सएप करें। नियमित रूप से पाने हेतु वर्ष में एक बार अपने किसी परिजन, प्रिय व्यक्ति के जन्मदिन की बधाई आदि या पुरखे की पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए अपने सामर्थ्य के अनुसार अपने नाम से "धर्म नगरी" भिजवाएं। सहयोग राशि या विज्ञापन आपके बजट पर।राशि केवल "धर्म नगरी" के चालू खाते नंबर- 325397 99922 स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया SBI IFS Code- CBIN0007932 भोपाल) अथवा 8109107075 पर online पर करें। स्क्रीन शॉट व्हाट्सएप करें, जिससे आपकी शुभकामना आदि के साथ आपके नाम से "धर्म नगरी" भेजी या बटवाई जा सकें, जिसकी जानकारी आपको दी जाएगी।    

प्रयागराज महाकुंभ-2025 के अवसर पर "धर्म नगरी" विशेषांक ChoiceFinX एप एवं www.bhoomiserenity.com बिल्डर्स के सौजन्य से FREE दी गई, महाकुंभ मेला क्षेत्र में शिविरों में फ्री बाटी गई। अब "धर्म नगरी" के नए पाठकों को ChoiceFinX एप एवं www.bhoomiserenity.com बिल्डर्स के सौजन्य देशभर में भेजी जाएगी। केवल आप अपने घर / कार्यालय पर का पूरा पता पोस्टल पिन कोड सहित sms या वाट्सएप 8109107075 करें।
 
कथा हेतु- व्यासपीठ की गरिमा एवं मर्यादा के अनुसार श्रीराम कथा, वाल्मीकि रामायण, श्रीमद भागवत कथा, शिव महापुराण या अन्य पौराणिक कथा करवाने हेतु संपर्क करें। कथा आप अपने बजट या आर्थिक क्षमता के अनुसार शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में अथवा विदेश में करवाएं, हमारा कथा के आयोजन की योजना, मीडिया-प्रचार आदि में सहयोग रहेगा। -प्रसार प्रबंधक "धर्म नगरी / DN News" मो.9752404020, 8109107075-वाट्सएप ट्वीटर इंस्टाग्राम- @DharmNagari ईमेल- dharm.nagari@gmail.com यूट्यूब- #DharmNagari_News
-
-----------------------------------------------
इसे भी पढ़ें / देखें-
बांग्लादेश पर सब चुप, हिंदू समाज को तोड़ने वालों के मुंह पर बांग्लादेश के नाम पर लगा टेप : योगी
http://www.dharmnagari.com/2026/01/Yogi-Adityanath-attack-on-Bangladesh-appeal-Hindu-unity.html

वार्षिक राशिफल-2026 : पढ़ें सभी 12 राशियों के शुभ-अशुभ राशि फल, राशियों पर...
http://www.dharmnagari.com/2026/01/Rashi-phal-2026-Prediction-of-12-zodiac-signs-2026.html

प्रयागराज माघ मेला : पौष पूर्णिमा से मेले का शुभारंभ, पूर्णिमा स्नान के साथ कल्पवास भी होगा प्रारंभ...
http://www.dharmnagari.com/2026/01/Prayagraj-Magh-Mela--Kalpwas-begins-with-Paush-Purnima-snan-Spl-trains-extra-buses.html

वर्ष 2026 में विवाह मुहूर्त वाले हैं 55 दिन, विवाह का ऋग्वेद व अथर्ववेद में है काव्यात्मक...

http://www.dharmnagari.com/2026/01/Year-2026-wedding-dates-55-auspicious-Muhurts.html

धूप से मिलने वाले विटामिन-डी के आश्चर्यजनक लाभ, जानकर हैरान हो जाएंगे, फिर आप भी लेने लगेंगे इस जाड़े में धूप 
https://www.dharmnagari.com/2025/12/Dhoop-Sun-rays-benefits-to-your-Health-Vitamin-D3-benefits.html 

No comments