गोवा के गोकर्ण पर्तगाली मठ में 77 फीट ऊंची प्रतिमा का आज PM करेंगे अनावरण, अयोध्या के...
...श्रीराम की मूर्ति से है समानता
- हाथ में धनुष-बाण, चेहरे पर सौम्यता व दिव्यता का भाव
सारस्वत ब्राह्मण का सम्मानित धार्मिक केंद्र
सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का एक सम्मानित धार्मिक केंद्र है गोकर्ण पर्तगाली मठ। दक्षिण गोवा जिले में इसकी स्थापना 1656 ईस्वी में श्री राम चंद्र तीर्थ ने किया था। मठ में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता मुख्य देवता के रूप में पूजे जाते हैं। देशभर में इस मठ की 33 शाखाएं हैं। मठ द्वैत संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है और 550 वर्षों की परंपरा का प्रतीक है।
शिल्पकार हैं राम सुतार
भगवान राम के हाथ में धनुष-बाण और चेहरे पर सौम्यता व दिव्यता का भाव है। श्रीराम की मूर्ति को नोएडा के प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। मूर्ति में भारतीय कला की बारीकियों और शिल्प कौशल का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
Shri Gokarn Ppartgali Jeevottam Math Temple & A Millenarian Banyan
Known as the Partgal math Temple, Shri Gokarn Partgali Jeevottam Math Temple, is one of the most famous Vaishnava Vedic learning centers in India. It is a prominent Hindu monastic institution located between Partagal and Poinguinim Villages in Canacona region (Canacona taluk), South Goa.
वा.एप- 8109107075 "धर्म नगरी" फ्री मंगवाने या अपने नाम से देशभर में भिजवाने हेतु
गोकर्ण पर्तगाली मठ के 550वें वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत 550 करोड़ रुपए का राम नाम जप अभियान, भजनी सप्ताह और 11 दिन का उत्सव सहित भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-पाठ सम्मिलित हैं। 24 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक कार्यक्रम में शुक्रवार (28 नवंबर) का दिन अति महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन 77 फीट ऊंचे श्रीराम की मूर्ति का अनावरण होगा। मूर्ति कांस्य से बनी है। प्रतिमा का स्वरूप अयोध्या की मूर्ति से मिलता-जुलता है।
संगमलाल त्रिपाठी 'आजाद'
प्रधानमंत्री मोदी गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में प्रभु श्रीराम की 77 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। मठ द्वारा विकसित ‘रामायण थीम पार्क गार्डन’ का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर विशेष डाक टिकट और एक स्मारक सिक्का भी जारी करते हुए उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। समारोह में गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य सम्मिलित होंगे।
सारस्वत ब्राह्मण का सम्मानित धार्मिक केंद्र
सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का एक सम्मानित धार्मिक केंद्र है गोकर्ण पर्तगाली मठ। दक्षिण गोवा जिले में इसकी स्थापना 1656 ईस्वी में श्री राम चंद्र तीर्थ ने किया था। मठ में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता मुख्य देवता के रूप में पूजे जाते हैं। देशभर में इस मठ की 33 शाखाएं हैं। मठ द्वैत संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है और 550 वर्षों की परंपरा का प्रतीक है।
शिल्पकार हैं राम सुतार
भगवान राम के हाथ में धनुष-बाण और चेहरे पर सौम्यता व दिव्यता का भाव है। श्रीराम की मूर्ति को नोएडा के प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। मूर्ति में भारतीय कला की बारीकियों और शिल्प कौशल का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
राम सुतार ने गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" डिजाइन की थी। गोवा में राम प्रतिमा के साथ एक "रामायण थीम पार्क" और "राम संग्रहालय" भी बनाया गया है। गोवा के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के मंत्री दिगंबर कामत के अनुसार, यह मूर्ति दुनिया में श्रीराम की सबसे ऊंची मूर्ति होगी। कामत ने कहा, मठ जो सदियों से एक स्पिरिचुअल सेंटर के रूप में काम कर रही है, उसे पूरी तरह से ठीक करके मॉडर्न लुक दिया गया है।
मठ में एक रामायण थीम पार्क, राम संग्रहालय और अन्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर भी विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह स्थल न केवल एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बनेगा, बल्कि यह पर्यटन की दृष्टिकोण से भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भगवान राम की जीवन गाथाओं से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी और अद्भुत अनुभव प्राप्त होगा।
Shri Gokarn Ppartgali Jeevottam Math Temple & A Millenarian Banyan
Known as the Partgal math Temple, Shri Gokarn Partgali Jeevottam Math Temple, is one of the most famous Vaishnava Vedic learning centers in India. It is a prominent Hindu monastic institution located between Partagal and Poinguinim Villages in Canacona region (Canacona taluk), South Goa.
The Math Temple is placed about 90 km away from the capital of Panaji (Panjim region).
The symbol of the spiritual movement, implemented by this religious center during more than 500 years, is a huge, giant Vatavriksha (Banyan tree) which grows 200 meters north from the the Shri Gokarn Partgali Jeevottam Math monastery. The tree, the age of which is more than 2000 years already, has 220 aerial roots and covers an area of 72х70 m.
It is one of the key temples of the Gokarna tradition, which follows the teachings of the great saint and philosopher, Shree Madhvacharya. The math, known for its spiritual significance, serves as a place of worship, learning, and meditation.
The monastery is situated on the bank of the sacred Kushavati River. It was built in 1475 and nowadays it is deservedly called the most ancient temple of Vaishnava Brahmin community (which is much proud of its eternal tradition of 23 swamis) in whole India and around the world.
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| वटवृक्ष Banyan tree |
People say that more than 1000 persons can easily hide under the shadow of this amazing masterpiece of the nature. Near the tree you will see a lingam – the symbol of Shiva God. This fantastical place is also known under the name of Bramhasthan. You can reach the monastery in Partagal by driving alongside NH66 - NH17 Highways about 10 km south-east from Chaudi municipal center. The Temple is located not so far away from the main entrance to Cotigao Wildlife Sanctuary and National Park. All municipal buses are making a stop in Poinguinim Village.
The 24th Mathadhipati of Shree Samsthan Gokarn Partagali Jeevottam Math, Paramapujya Shrimad Vidyadheesh Teertha Shreepad Wader Swamiji, one of the revered Gurus of the Gaud Saraswat Brahmin community. Previously, in 1979, the senior yativarya, Shrimad Vidyadhiraj Tirtha Shripad Wader Swamiji, conducted his Chaturmasya Vrat here. After 45 years, this year, the devotees in Bengaluru have the privilege of serving their Guru once again.
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दोपहर 3.45 बजे पहुंचेंगे प्रधानमंत्री
मठ की सेंट्रल कमेटी के चेयरपर्सन श्रीनिवास डेम्पो के अनुसार, मठ के परिसर में एक विशेष हेलीपैड बनाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 3.45 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। डेम्पो के अनुसार, गोवा में मठ कैनाकोना (साउथ गोवा डिस्ट्रिक्ट) के पार्टागल गांव में बनाया गया। मठ की जगह पर हर दिन सात से 10 हजार लोगों के आने की संभावना है।
उल्लेखनीय है, अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण (विवाह पंचमी, 25 नवंबर) के बाद अब PM मोदी गोवा में भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने जा रहे हैं। कांस्य से बनी प्रतिमा का स्वरूप अयोध्या की मूर्ति से काफी मिलता-जुलता है।
प्रयागराज महाकुंभ-2025 के बाद मार्च 2025 से "धर्म नगरी" के सदस्य नहीं बनाए जाते। धर्म नगरी फ्री या "सौजन्य से..." पाने हेतु अपना पूरा पता भेजें। नियमित कॉपी पाने हेतु वर्ष में केवल एकबार अपने सामर्थ्य के अनुसार स्वेच्छा से "धर्म नगरी" के नाम सहयोग करें। आपके दिए सहयोग से हम आपकी शुभकामना आदि प्रकाशित कर आपको एवं आपके परिचितों को (आपके नाम की सील लगाकर) प्रतियां भेजते हैं। सहयोग केवल "धर्म नगरी" के नाम से इसके बैंक खाते या ऑनलाइन 8109107075 पर दें और तुरंत उसका स्क्रीन शॉट भी।
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मठ की सेंट्रल कमेटी के चेयरपर्सन श्रीनिवास डेम्पो के अनुसार, मठ के परिसर में एक विशेष हेलीपैड बनाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 3.45 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। डेम्पो के अनुसार, गोवा में मठ कैनाकोना (साउथ गोवा डिस्ट्रिक्ट) के पार्टागल गांव में बनाया गया। मठ की जगह पर हर दिन सात से 10 हजार लोगों के आने की संभावना है।
उल्लेखनीय है, अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण (विवाह पंचमी, 25 नवंबर) के बाद अब PM मोदी गोवा में भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने जा रहे हैं। कांस्य से बनी प्रतिमा का स्वरूप अयोध्या की मूर्ति से काफी मिलता-जुलता है।
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निदेशक- संवाद मीडिया, नई दिल्ली
(संपर्क- 9212093511)
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प्रयागराज माघ मेला-2026 विशेषांक शिविर का आयोजन एवं माघ मेले पर केंद्रित "धर्म नगरी माघ मेला-2026" के चार विशेषांक निकाले जाएंगे। विशेषांकों का वितरण मेले में शिविरों में (सन्तों धर्माचार्यों आदि को), मेला क्षेत्र में स्थित विभिन्न कार्यालयों, सरकारी एवं निजी प्रदर्शनियों आदि को फ्री या "सौजन्य से..." होगा। इसके साथ मेला क्षेत्र में कार, बस आदि निजी वाहनों से आने वाले तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दिया जाएगा, जिस प्रकार प्रयागराज महाकुंभ-2025 पर "धर्म नगरी" के तीन विशेषांकों को बांटा या सम्मान के साथ दिया गया।
प्रयागराज माघ मेला-2026 के विशेषांको में आप भी संगम क्षेत्र के आयोजित अपने शिविर (कैम्प) की जानकारी, शिविर में होने वाले कार्यक्रम (यदि कोई हो), सारगर्भित लेख, अपने आश्रम मठ की गतिविधियां आदि प्रकाशित करवा सकते हैं। अथवा अपनी शुभकामना आदि के साथ अपने नाम से विशेषांक बटवा सकते हैं (देखें ऊपर बायीं कोने में)। यदि आप इच्छुक हों, तो संपर्क करें +91 8109107075 वाट्सएप ईमेल- dharm.nagari@gmail.com
प्रयागराज माघ मेला-2026 के विशेषांको में आप भी संगम क्षेत्र के आयोजित अपने शिविर (कैम्प) की जानकारी, शिविर में होने वाले कार्यक्रम (यदि कोई हो), सारगर्भित लेख, अपने आश्रम मठ की गतिविधियां आदि प्रकाशित करवा सकते हैं। अथवा अपनी शुभकामना आदि के साथ अपने नाम से विशेषांक बटवा सकते हैं (देखें ऊपर बायीं कोने में)। यदि आप इच्छुक हों, तो संपर्क करें +91 8109107075 वाट्सएप ईमेल- dharm.nagari@gmail.com










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